निजी यात्री और लग्जरी बसाें की छत के साथ-साथ उनके अंदरूनी हिस्साें में अवैध रूप से किए जाने वाले ‘कूरियर पार्सल’ के परिवहन काे राेकने के लिए राज्य सरकार ने अब बेहद सख्त रुख अपनाया है.केवल जुर्माना वसूलने से नियम ताेड़ने वाले वाहनचालकाें में सुधार न हाेने के कारण अब आगे से बार-बार दाेषी पाए जाने वाले वाहनाें का परमिट सीधे रद्द करने का निर्णय लिया गया है. परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने यह महत्वपूर्ण जानकारी दी.माेटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 86 के तहत पहले 3 अपराधाें तक परमिट निलंबन (सस्पेंड) और चाैथे अपराध पर सीधे परमिट रद्द करने की सख्त कार्रवाई के आदेश क्षेत्रीय परिवहन (आरटीओ) अधिकारियाें काे दिए गए हैं, ऐसी घाेषणा परिवहन मंत्री ने विधानसभा में की.
चिंचवड़ के विधायक शंकर जगताप द्वारा विधानसभा में पूछे गए तारांकित सवाल का जवाब देते हुए परिवहन मंत्री ने यह जानकारी दी. इस सवाल के संदर्भ में बाेलते हुए विधायक शंकर जगताप ने कहा कि कई निजी बसाें में डिकी के साथ-साथ सीधे बसाें की छत पर बड़े पैमाने पर व्यावसायिक सामान और भारी पार्सल लादे जाते हैं.यात्री परिवहन की मूल संरचना के अनुसार इस तरह छत पर क्षमता से अधिक सामान ले जाना अवैध है.इससे बस के ब्रेकिंग सिस्टम, टायर और सस्पेंशन पर भारी दबाव पड़ता है, जिससे घाटाें (पहाड़ी रास्ताें) में या लंबी दूरी की यात्रा के दाैरान भीषण दुर्घटनाओं का खतरा पैदा हाेता है.