मानसून की पहली तेज बारिश ने पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ की यातायात व्यवस्था की पाेल खाेल दी. पुनावले, भूमकर चाैक, खड़की अंडरपास, हड़पसर, काेंढवा, खराड़ी, बाणेर राेड, सिंहगढ़ राेड और बीटी कावड़े राेड सहित कई प्रमुख मार्गाें पर घंटाें लंबा ट्रैफिक जाम लगा, जिससे हजाराें नागरिकाें काे भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. जगह-जगह जलभराव, गड्ढाें और अधूरे सड़क कार्याें ने स्थिति काे और गंभीर बना दिया.फाेरम फाॅर आईटी एम्प्लाॅइज महाराष्ट्र के अध्यक्ष पवनजीत माने ने कहा कि हिंजवड़ी फेज-2 में कुछ स्थानाें पर जलभराव की समस्या दूर हुई है, लेकिन अधिकांश क्षेत्राें में बुनियादी ढांचे की कमी के कारण हालात अब भी चिंताजनक हैं.
पुनावले निवासी राेहित भाटिया ने बताया कि उनकी साेसाइटी से वाहन निकालना भी मुश्किल हाे गया था, जबकि हड़पसर में केवल दाे किलाेमीटर का सफर तय करने में करीब 45 मिनट लग गए्. जिससे एम्बुलेंस तक प्रभावित हुईं्.केशवनगर के आईटी पेशेवर अंकित नंदा ने खराब शहरी नियाेजन, अधूरी नालियाें, लगातार सड़क खुदाई और पुराने गड्ढाें काे स्थिति के लिए जिम्मेदार बताया. कई आईटी कर्मचारियाें ने लंबी देरी के कारण घर लाैटकर वर्क-फ्राॅम- हाेम करना उचित समझा.