शहर में बढ़ती पानी की किल्लत की पृष्ठभूमि में टैंकराें के माध्यम से हाेने वाली जलापूर्ति काे अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और नागरिकाेन्मुख बनाने के लिए पुणे मनपा काे तत्काल एक सर्वसमावेशी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करनी चाहिए. ऐसे निर्देश स्थायी समिति ने प्रशासन काे दिए.शहर में टैंकराें की मांग लगातार बढ़ रही है. ऐसे में अनेक क्षेत्राें में ऊंचे दराें पर पानी की बिक्री, टैंकराें का विलंब से पहुंचना, जीपीएस प्रणाली का अभाव, सड़काें पर दुर्घटनाएं, पानी की गुणवत्ता संबंधी शिकायतें तथा नियमन की कमी जैसी गंभीर समस्याएं सामने आ रही हैं. इन सभी पहलुओं काे ध्यान में रखते हुए एकसमान और प्रभावी कार्यप्रणाली निर्धारित करना आवश्यक है. बैठक में प्रशासन से शहर में टैंकर जलापूर्ति की वर्तमान स्थिति, मनपा एवं निजी टैंकराें की संख्या, टैंकर भराव केंद्राें की क्षमता, अधिकृत दरें, दुर्घटनाओं के आंकड़े, चालकाें की पात्रता, जीपीएस व्यवस्था, ऑनलाइन आरक्षण प्रणाली, जल गुणवत्ता परीक्षण तथा नियंत्रण कक्ष संबंधी विस्तृत जानकारी मांगी गई.
स्थायी समिति ने एसओपी में अधिकृत दर सूची घाेषित करने, प्रत्येक टैंकर पर दर सूचना फलक लगाने, सभी टैंकराें में जीपीएस लगाने, नागरिकाें के लिए माेबाइल अनुप्रयाेग के माध्यम से टैंकर ट्रैकिंग सुविधा उपलब्ध कराने, ऑनलाइन तथा हेल्पलाइन के माध्यम से पारदर्शी आरक्षण व्यवस्था प्रारंभ करने तथा पहली मांग - पहली आपूर्ति के सिद्धांत काे लागू करने के निर्देश दिए.इसके अतिरिक्त टैंकराें की सुरक्षा के लिए गति सीमा निर्धारित करने, विद्यालयाें तथा चिकित्सालयाें के आसपास विशेष नियम लागू करने, चालकाें का नियमित प्रशिक्षण, चिकित्सीय परीक्षण, मद्यपान एवं नशीला पदार्थ जांच, परावर्तक पट्टियां, सुरक्षा दीपक, ब्लाइंड स्पाॅट दर्पण, रिवर्स कैमरे तथा अलार्म प्रणाली अनिवार्य करने का सुझाव दिया गया.