महाराष्ट्र खाद्य एवं औषध प्रशासन (एफडीए) ने राज्यभर में प्रतिबंधित गुटखा, मिलावटी खाद्य पदार्थ, अवैध दवाओं और भ्रामक चिकित्सा पद्धतियाें के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया.एक महीने तक चले इस अभियान में 34.7 कराेड़ रुपये से अधिक मूल्य का माल जब्त किया गया.मुंबई, काेंकण, पुणे, नासिक, छत्रपति संभाजीनगर, नागपुर और अमरावती जैसे प्रमुख क्षेत्राें में 25 मई से 24 जून के दाैरान चलाए गए इस अभियान में 457 लाेगाें काे गिरफ्तार किया गया, 322 प्रतिष्ठानाें काे सील किया गया और 42 वाहन जब्त किए गएएफडीए के आयुक्त तुकाराम मुंडे ने कहा कि राज्य के नागरिकाें काे सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और कानूनी उत्पाद उपलब्ध कराना एफडीए की प्राथमिकता है.
नकली, बिना लाइसेंस वाले, भ्रामक या सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा करने वाले किसी भी कार्य काे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. दाेषियाें के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी.एक महीने के दाैरान अधिकारियाें ने 904 छापे मारे. इसमें गुटखा और पान मसाला जैसे प्रतिबंधित खाद्य पदार्थाें की बिक्री, वितरण, परिवहन और उत्पादन करने वाले प्रतिष्ठानाें काे निशाना बनाया गया. साथ ही असुरक्षित, गलत लेबलिंग वाले या अस्वच्छ परिस्थितियाें में तैयार किए गए अन्य खाद्य पदार्थाें पर भी कार्रवाई की गई. विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, 446 छापाें में 5.6 कराेड़ रुपये मूल्य के प्रतिबंधित खाद्य पदार्थ जब्त किए गए. इसमें 430 लाेगाें काे गिरफ्तार किया गया और 41 वाहन जब्त किए गए.
अन्य खाद्य पदार्थाें के लिए चलाए गए समानांतर अभियान में एफडीए ने 440 प्रतिष्ठानाें पर कार्रवाई की और 29.1 कराेड़ रुपये मूल्य का माल जब्त किया. लगभग 431 प्रतिष्ठानाें का निरीक्षण किया गया और जांच तथा आगे की कार्रवाई के लिए 22 लाख किलाे संदिग्ध स्टाॅक जब्त किया गया.विभाग ने बताया कि नाै एफआईआर दर्ज की गईं और दाे लाेगाें काे गिरफ्तार किया गया. सबसे गंभीर मामलाें में से एक पुणे में अवैध शराब पीने से हुई पाॅइजनिंग की घटना से संबंधित था, जिसमें 3.6 लाख रुपये मूल्य का 5,929 किलाे मेथेनाॅल का स्टाॅक जब्त किया गया.