राेक के बावजूद बिना अनुमति वाले स्कूल शुरू

    28-Jun-2026
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Manapa 
शहर के 12 बिना अनुमति स्कूलाें काे बंद करने के आदेश दिए गए थे. उन्हें नाेटिस जारी किए गए और स्कूल अनुमति न हाेने के बाेर्ड भी लगाए गए. इसके बावजूद शहर में कुछ स्कूल धड़ल्ले से छात्राें काे प्रवेश दे रहे हैं. 4 संस्थाओं द्वारा दूसरे स्कूलाें के ‘यू-डाइस’ नंबराें का उपयाेग कर स्कूल चालू रखने का मामला सामने आया है. नया शैक्षणिक वर्ष शुरू हाे चुका है और कई अभिभावकाें ने विभिन्न स्कूलाें में अपने बच्चाें के दाखिले करवा दिए हैं. हालांकि जिस स्कूल में दाखिला कराया गया है, उसके बिना अनुमति हाेने की जानकारी मिलने के बाद भी अभिभावक असमंजस में हैं.
 
वास्तव में प्रतिवर्ष बिना अनुमति के स्कूलाें की सूची घाेषित करना, नाेटिस देना और बाेर्ड लगाना, शिक्षा विभाग का अभियान बस यहीं तक सीमित रह जाता है. लेकिन प्रत्यक्ष रूप से काेई ठाेस कार्रवाई न हाेने के कारण ये बिना अनुमति के स्कूल फिर से नए नाम से या अन्य स्कूल के दस्तावेजाें के आधार पर शुरू रहते हैं. इससे अभिभावक गुमराह हाे रहे हैं और छात्राें के भविष्य पर सवालिया निशान खड़ा हाे गया है.मनपा के शिक्षा विभाग ने बिना अनुमति के स्कूलाें काे नाेटिस जारी कर स्कूल बंद करने के आदेश दिए और साथ ही ‘यह स्कूल बिना अनुमति का है’ इस आशय के बाेर्ड भी लगाए. हालांकि इसके बाद भी संबंधित स्कूल खुले हाेने के कारण यह आलाेचना हाे रही है कि नाेटिस और बाेर्ड की यह कार्रवाई महज एक दिखावा साबित हाे रहा है.
 
आराेप लगाया जा रहा है कि प्रशासन की ओर से प्रत्यक्ष जांच, प्रवेश पर राेक, दंडात्मक कार्रवाई या प्रबंधन के खिलाफ मामले दर्ज करने जैसे ठाेस कदम न उठाए जाने के कारण ऐसे बिना अनुमति के स्कूल चलाने वालाें के हाैसले बढ़ गए हैं.स्कूल प्रबंधकाें के खिलाफ कार्रवाई की मांग ‘यू-डाइस’ नंबर काे स्कूल की आधिकारिक पहचान माना जाता है. इसलिए, अन्य स्कूल के नंबर का उपयाेग करके प्रवेश देना या स्कूल चलाना पूरी तरह से अवैध है. इस तरह के मामलाें में शैक्षणिक रिकाॅर्ड में जालसाजी का भी डर रहता है. सामाजिक कार्यकर्ता राहुल काेल्हेकर ने मांग की है कि शिक्षा विभाग ऐसे स्कूलाें की गहन जांच करे और जिम्मेदार प्रबंधन के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करे.