पुणे में रहने वाले लगभग 45 हजार सिंधी समाज के लाेगाें काे एक संगठित मंच पर लाने के उद्देश्य से ‘विश्व सिंधी सेवा संगम (यूनाइटेड)’ संस्था ने पहल की है.शहर के विभिन्न क्षेत्राें में स्थानीय समूहाें तथा एक केंद्रीय काेर कमेटी का गठन कर सिंधी समाज में एकजुटता बढ़ाने, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, शिक्षा, सामाजिक सेवा और उद्यमिता काे प्राेत्साहन देने के लिए संस्था कार्य करेगी. संस्था का औपचारिक शुभारंभ 1 अगस्त काे किया जाएगा. यह जानकारी संस्था की महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष बाॅबी करनानी ने पत्रकार वार्ता में दी.इस अवसर पर प्रकाश करनानी, हिमांशु अजवानी, डाॅ. डिंपल अजवानी, शाम ठाकुर, कुणाल हेमराजानी, हितेश सुगनानी, अमित मिरपुरी, सतीश अथवानी, करिश्मा अथवानी, सरिता पुरसवानी, राशि नछनानी, जय केसवानी, ईशिता माेटियानी, ऐश्वर्या घाटगे-गुरनानी, सिद्धार्थ शाम थडानी, श्रीदा रहेजा और हरीश डाेडेजा उपस्थित थे. विश्व सिंधी सेवा संगम पिछले 27 वर्षाें से कार्यरत है तथा वर्तमान में 92 देशाें में अपनी गतिविधियां संचालित कर रहा है.
करनानी ने बताया पुणे में सिंधी समाज की आबादी काफी है, लेकिन विभिन्न संस्थाओं में केवल सीमित सदस्य ही सक्रिय हैं. यदि बिखरे हुए समाज काे एक मंच पर लाया जाए ताे शासन की विभिन्न याेजनाओं, अनुदानाें और समाजाेपयाेगी कार्यक्रमाें का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से समाज तक पहुंचाया जा सकता है. साथ ही सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक क्षेत्राें में भी व्यापक स्तर पर कार्य किया जा सकेगा.इस अभियान के तहत शहर के प्रत्येक क्षेत्र में स्थानीय समितियाें का गठन किया जाएगा, जाे अपने-अपने क्षेत्र के सिंधी परिवाराें से निरंतर संपर्क बनाए रखेंगी. इन सभी समितियाें के समन्वय और शहरव्यापी गतिविधियाें की याेजना बनाने के लिए एक केंद्रीय काेर कमेटी कार्य करेगी.
संस्था द्वारा चेटीचंड, लाल लाेई, सिंधी भाषा दिवस व सिंधी सम्मेलन आयाेजित किए जाएंगे. सिंधी भाषा और परंपराओं के संरक्षण पर विशेष जाेर दिया जाएगा.विद्यार्थियाें काे छात्रवृत्ति, शैक्षणिक सहायता, प्रतियाेगी परीक्षाओं तथा सिविल सेवा में करियर बनाने के इच्छुक विद्यार्थियाें के लिए विशेष मार्गदर्शन कार्यक्रम आयाेजित किए जाएंगे. आर्थिक रूप से कमजाेर सिंधी परिवाराें की बेटियाें के विवाह में सहायता तथा जरूरतमंद परिवाराें काे सहयाेग प्रदान करने की भी संस्था की याेजना है. यह जानकारी डाॅ. हिमांशु अजवानी ने दी. पुणे के सभी सिंधी परिवाराें से इस अभियान में सक्रिय रूप से जुड़ने, क्षेत्रीय समन्वयक के रूप में आगे आने, युवाओं का मार्गदर्शन करने तथा समाज के संगठनात्मक कार्य में याेगदान देने की अपील की.