विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) प्रवीण दरेकर और मुंबई बैंक के कामकाज पर सामाजिक कार्यकर्ता अंजली दमानिया ने प्रेस काॅन्फ्रेंस में बेहद गंभीर आराेप लगाए हैं. दमानिया ने दावा किया है कि नई शुरू हाेने जा रही देवाभाऊ टैक्सी याेजना के पीछे बड़ा भ्रष्टाचार और मनी लाॅन्ड्रिंग का खेल चल रहा है. उन्हाेंने आराेप लगाया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के महिमामंडन के लिए आम जनता के पैसाें का दुरुपयाेग किया जा रहा है.दमानिया के अनुसार, मदेवदत्त सहकारी पर्यटन व वाहतूक संस्था मर्यादित (देवदत्त काे-ऑपरेटिव टूरिज्म एंड ट्रांसपाेर्ट साेसाइटी लिमिटेड) एक फर्जी (शेल) संस्थाहै. यह संस्था 4 दिसंबर 2001 काे पंजीकृत हुई थी, लेकिन पिछले 25 वर्षाें में इसके पास न ताे एक भी गाड़ी है, न ही काेई बिजनेस टर्नओवर रहा है और न ही कभी इस संस्था के चुनाव कराए गए हैं.
दमानिया ने खुलासा किया कि जब पूछा गया कि 2018 में चुनाव क्याें नहीं कराए गए? , ताे संस्था ने लिखित में बेहद झूठा और हास्यास्पद कारण दिया कि 2018 में काेविड के कारण लाॅकडाउन लगा था . दमानिया ने इस बात पर भी आपत्ति जताई कि काेविड महामारी 2020 में शुरू हुई थी.दमानिया ने साेसाइटी के सदस्यता रिकाॅर्ड पर सवाल उठाते हुए आराेप लगाया कि इसके 28 सदस्याें के हस्ताक्षर जाली हैं. उन्हाेंने एक उदाहरण पेश किया जिसमें एक ही व्यक्ति का हस्ताक्षर 2001 में मराठी में था, लेकिन 2013 के रिकाॅर्ड में वही हस्ताक्षर स्टाइलिश अंग्रेजी में दिखाई दिया. यह संस्था सहकारी समितियाें की सी श्रेणी में आती है और वित्तीय वर्ष 2023-24 में इसका शुद्ध लाभ (नेट प्राॅफिट) केवल 941 रुपये था.दमानिया ने आराेप लगाया कि संस्था की आर्थिक स्थिति इतनी खराब हाेने और मुंबई बैंक के खाते में शून्य रुपये बैलेंस हाेने के बावजूद, प्रवीण दरेकर ने इस संस्था काे मुंबई बैंक से 2,000 गाड़ियाें के लिए लाेन देने की घाेषणा की है. उन्हाेंने कहा, यह पैसा आम कामकाजी लाेगाें और सहकारी संस्थाओं का है, जिसे इस फर्जी संस्था के लिए डायवर्ट किया जा रहा है.