प्राणी संग्रहालय पर 20 कराेड़ खर्च, लेकिन 10 साल से बंद !

    05-Jun-2026
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प्रशासनिक लापरवाही, राजनीतिक प्रतिनिधित्व की अनदेखी और केंद्रीय प्राणी संग्रहालय प्राधिकरण से मंज़ूरी मिलने में देरी की वजह से संभाजीनगर में मनपा का बहिणाबाई चाैधरी प्राणी संग्रहालय नवीनीकरण (रेनाेवेशन) के काम की वजह से 10 वर्षाें से पर्यटकाें के लिए बंद है. अब तक 20 कराेड़ रुपयाें की लागत से पहले दाे चरणाें का कंस्ट्रक्शन का काम पूरा हाे चुका है. तीसरे चरण का काम अभी शुरू नहीं हुआ है और संग्रहालय एक और वर्ष बंद रहेगा.शहर के लाेगाें काे पक्षियाें के बारे में जागरूक करने के मकसद से मनपा ने वर्ष 1989 में चिंचवड़ के संभाजीनगर में एमआईडीसी की 7 एकड़ ज़मीन पर बहिणाबाई चाैधरी सर्पाेद्यान और प्राणी संग्रहालय बनाया था. इस संग्रहालय का नवीनीकरण वर्ष 2016 के मई में शुरू हुआ था, तब से संग्रहालय बंद है.
 
केंद्रीय प्राणी संग्रहालय प्राधिकरण ने संग्रहालय काे मंज़ूरी दे दी है. इसके अनुसार स्नेक पार्क और प्राणी संग्रहालय के नवीनीकरण का काम शुरू किया गया. अब तक संग्रहालय पर दाे चरणाें में 20 कराेड़ रुपये खर्च हाे चुके हैं. 10 वर्ष के बाद भी नवीनीकरण का काम पूरा नहीं हुआ है और संग्रहालय की हालत खराब है.बहिणाबाई प्राणी संग्रहालय में ज़हरीले और बिना ज़हरीले सांप, भालू, अजगर, मगरमच्छ, कछुए, माेर, बत्तख, ताेते, उल्लू, लवबर्ड जैसे कई जानवर और पक्षी थे. अभी, यहां सिर्फ सांप, मगरमच्छ, माेर, उल्लू और लवबर्ड हैं. कहा जाता है कि प्राणी संग्रहालय का काम शुरू हाेने से पहले कुछ जानवर पुणे के प्राणी संग्रहालय काे दे दिए गए.
 
केंद्रीय संग्रहालय की मंज़ूरी न मिलने से काम रुका तीसरे चरण में आर्किटेक्चरल, पानी, लैंडस्केपिंग, चारदीवारी की ऊंचाई बढ़ाने और पशु हाॅस्पिटल के काम किए जाएंगे. इसके लिए 24 कराेड़ रुपये के खर्च काे मार्च 2025 में मंज़ूरी मिल गई है. हालांकि अधिकारियाें ने बताया कि केंद्रीय प्राणी संग्रहालय प्राधिकरण से मंज़ूरी नहीं मिलने की वजह से अभी तक काम शुरू नहीं हाे पाया है.रेप्टाइल प्राणी घाट, प्राणीघर और पिंजड़ा क्षेत्र, मगरमच्छ, घड़ियाल प्राणीघर और पिंजड़ा, वेटलैंड एवियरी प्राणीघर और पिंजड़ा, चेलाेनिया प्राणी घर और पिंजड़ा, साहित्य रखने का कमरा, स्टाफ ्नवार्टर, प्राणी दहन क्षेत्र और नेक्राेप्सी क्षेत्र एवं निवास, प्रवेशद्वार, अंडरग्राउंड पानी की टंकी (टैंक), टिकट कार्यालय, इंटरप्रिटेशन केंद्र सुरक्षा दीवार, पेंटिंग, टेन्साइल रूफिंग, निदेशक के घर के रेनाेवेशन का काम पूरा हाे चुका है.