रक्षक का भक्षक बन जाना बर्दाश्त नहीं यह बात सुप्रीम काेर्ट ने गुरुवार काे स्पष्ट की. जबरन वसूली मामले में 3 पुलिस अधिकारियाें की अग्रिम जमानत रद्द कर दी.जस्टिस संजय कुमार की बेंच ने बाॅम्बे हाईकाेर्ट के फैसले काे रद्द करते हुए याचिकाकर्ता काे राहत दी है. सुप्रीम काेर्ट ने जबरन वसूली के आराेपी 3 पुलिस अधिकारियाें काे दी गई अग्रिम जमानत रद्द करते हुए कहा है कि जब कानून लागू करने वाले अधिकारी ही जबरन वसूली करने वाले बन जाते हैं, ताे नागरिक संदेह की नजर से देखतें हैं.जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस के.
विनाेद चंद्रन की बेंच ने बाॅम्बे हाईकाेर्ट की ओर से दिए गए आदेश काे अस्पष्ट बताते हुए रद्द कर दिया. इस मामले में शिकायतकर्ता अपनी बेटी के साथ मुंबई से हापा दुरंताे एक्सप्रेस में यात्रा करने वाले थे. शिकायतकर्ता, उनकी बेटी और उन्हें छाेड़ने आए एक करीबी रिश्तेदार काे रेलवे स्टेशन पर पुलिसकर्मियाें ने हिरासत में ले लिया. यात्री के सामान की तलाशीके दाैरान 14 ग्राम की साेने की छड़ और 31,900 रुपये नकद बरामद हुए.आराेप है कि संताेषजनक स्पष्टीकरण देने के बावजूद, एक पुलिसकर्मी तीनाें काे पास के एक कमरे में ले गया, जहां उन्हें धमकाया गया और अपशब्द कहे गए.उन्हें साेने की छड़ के बदले नकद देने के लिए मजबूर किया गया.