भारती विद्यापीठ इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड एंटरप्रेन्याेरशिप डेवलपमेंट (आईएमईडी), पुणे काे वैश्विक स्तर की प्रतिष्ठित संस्था असाेसिएशन टू एडवांस काॅलेजिएट स्कूल्स ऑफ बिजनेस (एएसीएसबी) की संस्थागत सदस्यता प्रदान की गई है. भारती विद्यापीठ के एरंडवणे (पाैड राेड) स्थित दिवंगत अभिजीतदादा कदम सभागार में आयाेजित एक विशेष समाराेह में गणमान्य व्यक्तियाें की उपस्थिति में इस सदस्यता प्रमाणपत्र का वितरण किया गया.इस कार्यक्रम में एएसीएसबी के दक्षिण एशिया विभाग प्रमुख डाॅ. प्रताप दास, कुलपति डाॅ. विवेक सावजी, बीवी ेल्थ साइंसेस की कार्यकारी निदेशिका डाॅ. अस्मिता जगताप, आईएमईडी के निदेशक डाॅ. श्रवण कड़वेकर, उपनिदेशक डाॅ. रामचंद्र महाडिक, डाॅ. नेत्रा नीलम, डाॅ. जी. जयकुमार, डाॅ. अशाेक जाेशी, डाॅ. अनिल केसकर और साथ ही विभिन्न शैक्षणिक संस्थानाें के प्रमुख, प्राध्यापक, शाेधकर्ता, प्रशासनिक अधिकारी और छात्र बड़ी संख्या में उपस्थित थे. इस कार्यक्रम में एएसीएसबी इंटरनेशनल के दक्षिण एशिया विभाग प्रमुख डाॅ.प्रताप दास ने प्रबंधन शिक्षा में वैश्विक मानदंड: एएसीएसबी पारिस्थितिकी तंत्र (इकाेसिस्टम) का परिचय विषय पर एक विशेष सत्र लिया.
उन्हाेंने एएसीएसबी की रैंकिंग/मान्यता प्रक्रिया की जानकारी देते हुए वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के लिए आवश्यक विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत मार्गदर्शन किया. आईएमईडी की क्षमताओं पर विश्वास व्यक्त करते हुए उन्हाेंने कहा कि इस संस्थान में वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त बिजनेस स्कूलाें की श्रेणी में स्थान पाने की क्षमता है.अल्प अवधि में यह महत्वपूर्ण मुकाम हासिल करने पर भारती विद्यापीठ हेल्थ साइंसेस की कार्यकारी निदेशिका डाॅ.अस्मिता जगताप ने आईएमईडी की पूरी टीम काे बधाई दी. उन्हाेंने स्पष्ट किया कि प्रबंधन शिक्षा में वैश्विक स्तर के मानक हासिल करने के लिए संस्थान की प्रतिबद्धता कायम है.
भारती विद्यापीठ के कुलपति डाॅ. विवेक सावजी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि एएसीएसबी की यात्रा से शैक्षणिक उत्कृष्टता, वैश्विक मान्यता, अंतर्राष्ट्रीय सहयाेग और संस्थात्मक विकास के लिए नए अवसर उपलब्ध हाेंगे. आईएमईडी के निदेशक डाॅ. श्रवण कड़वेकर ने कहा कि यह समाराेह प्रबंधन शिक्षा में वैश्विक स्तर के मानकाें की दिशा में आईएमईडी के सफर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है.इस अवसर पर शिक्षा में उत्कृष्टता के लिए जीवन भर कार्यरत रहे डाॅ. पतंगराव कदम के दूरदर्शी विचाराें और प्रेरणादायी विरासत काे भी नमन किया गया.आईएमईडी के उपनिदेशक डाॅ. रामचंद्र महाडिक ने आभार व्यक्त किया.