मनपा की अनाधिकृत निर्माण-विराेधी टीम ने शुक्रवार (6 जून) काे पिंपले गुरव के लक्ष्मीनगर गली नंबर-2 स्थित ‘आदी समर्थ’ नामक 5 मंजिला बिल्डिंग पर कार्रवाई करने के लिए पहुंची, लेकिन इस कार्रवाई का कड़ा विराेध करते हुए डेवलपर नवनाथ अंकुश शिंदे ने अपने ऊपर केराेसिन छिड़क लिया, जिससे वहां हड़कंप मच गया.इसके चलते कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति पैदा हाे गई और टीम काे बिना काेई कार्रवाई किए ही वापस लाैटना पड़ा.लक्ष्मीनगर की इस बिल्डिंग की ज़मीन विशाल रवींद्र मानकर के मालिकाना हक की है, जिसे नवनाथ शिंदे और अन्य 4 लाेगाें ने मिलकर विकसित करने के लिए लिया था. इसके बाद यहां ‘आदी समर्थ’ नाम की यह 5 मंजिला बिल्डिंग खड़ी की गई.
यहां वास्तुशांति (गृह प्रवेश) के कार्यक्रम की तैयारियां चल रही थीं. इसी बीच मनपा की टीम ने बिल्डिंग पर कार्रवाई करने के लिए लाखाें रुपये किराये पर ली गईं मशीनें बुलाई थीं, लेकिन, कार्रवाई शुरू हाेने से पहले ही विराेध प्रदर्शन शुरू हाे गया. इसी दाैरान शिंदे ने खुद के ऊपर केराेसिन छिड़क लिया, जिससे वहां चीख-पुकार औरहंगामा मच गया. वहां माैजूद अधिकारियाें, कर्मचारियाें और नागरिकाें के बीच-बचाव करने से एक बड़ा अनर्थ टल गया. शुरुआत में घटनास्थल पर पुलिस बंदाेबस्त न हाेने की बात सामने आई है . स्थिति बिगड़ने के बाद सांगवी पुलिस काे बुलाया गया. इसके बाद अतिरिक्त पुलिस बल माैके पर पहुंचा और स्थिति काे नियंत्रण में लाया गया.
मनपा का दावा है कि जब निर्माण कार्य चल रहा था, तब नाेटिस तामील की गई थी और कार्रवाई भी की गई थी; वहीं दूसरी ओर ज़मीन के मालिक ने नाेटिस न मिलने का दावा किया है. ऐसे में कई सवाल उठाए जा रहे हैं कि यदि पहले कार्रवाई हुई थी, ताे यह 5 मंजिला बिल्डिंग पूरी कैसे हाे गई? और जब निर्माण कार्य चल रहा था, तब संबंधित प्रशासन व एजेंसियां क्या कर रही थीं? इस बीच, बिल्डिंग और ज़मीन के मालिक विशाल मानकर ने बताया, पहले यहां हमारे छाेटे घर थे. प्रतिवर्ष बारिश के दनाें में ड्रेनेज का पानी घराें में घुस जाता था. इसके स्थायी समाधान के रूप में अन्य नागरिकाें के सहयाेग से यह बिल्डिंग खड़ी की गई है.