पिंपरी-चिंचवड़, पुणे शहर और पुणे ग्रामीण इलाकाें में फैले अवैध शराब के काले काराेबार और उसके नेटवर्क काे जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए सभी संबंधित जांच प्रणालियाें ने हाथ मिला लिया है. अब इन इलाकाें में हाथभट्टी, मिलावटी शराब और अवैध बिक्री की पूरी सप्लाई चेन के हर एक सिंडिकेट पर सीधे कार्रवाई करने का एक बड़ा निर्णय लिया गया है. पिंपरी-चिंचवड़ के पुलिस कमिश्नर विनय कुमार चाैबे के मार्गदर्शन में 5 जून काे पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस कमिश्नरेट मुख्यालय में इस हाई- प्राेफाइल समन्वय बैठक का आयाेजन किया गया था. अवैध रूप से चलाई जा रही शराब की भट्टियाें और शहरी व ग्रामीण इलाकाें में सक्रिय शराब तस्कराें के जाल काे पूरी तरह से ध्वस्त करने पर विस्तृत चर्चा हुई.
बैठक में माैजूद सभी आला अधिकारियाें ने एकमत से निर्णय लिया कि इस संगठितअपराध काे राेकने के लिए तीनाें पुलिस कमिश्नरेट/जिलाें के बीच इंटेलिजेंस का आदान-प्रदान बेहद तेज गति से किया जाएगा. अवैध शराब के पूरी सप्लाई चेन काे ताेड़ने के लिए आयाेजित इस समन्वय बैठक में महाराष्ट्र पुलिस और विभिन्न विभागाें के शीर्ष अधिकारियाें ने हिस्सा लिया, जिनमें प्रमुख रूप से पुणे शहर पुलिस आयुक्तालय के जाॅइंट सीपी डाॅ. शशिकांत महावरकर, अपर पुलिस आयुक्त सारंग आवाड, अपर पुलिस आयुक्त बसवराज तेली, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण संदीप सिंह गिल, राज्य उत्पादन शुल्क विभाग, पुणे के अधीक्षक अतुल कानडे, अन्न व औषध प्रशासन, पुणे के सह आयुक्त गिरीष हुकरे, पुणे पुलिस उपायुक्त चिलूमुल्ला रजनीकांत मुख्य रूप से उपस्थित थे.