पेट्राेल पंपाें पर कैन एवं बैरल में खुले पेट्राेल-डीजल की बिक्री प्रतिबंधित

    07-Jun-2026
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युद्ध जैसी परिस्थितियाें के कारण पेट्राेल और डीजल जैसे ईंधनाें की आपूर्ति प्रभावित हुई है. बड़े पैमाने पर जमाखाेरी किए जाने की बात सामने आने के बाद राज्य सरकार ने पेट्राेल पंपाें पर कैन अथवा बैरल में पेट्राेल और डीजल देने पर प्रतिबंध लगा दिया है.इससे अत्यावश्यक सेवाएं प्रदान करने वाले अस्पतालाें और अन्य व्यवसायाें के सामने संकट खड़ा हाे गया है.एक ओर भीषण गर्मी के दाैरान मरम्मत के नाम पर लगातार बिजली आपूर्ति बाधित की जा रही है, वहीं अब डीजल नहीं मिलने के कारण जनरेटर के माध्यम से इन सेवाओं काे जारी रखना भी मुश्किल हाे गया है.राज्य सरकार ने शुक्रवार काे पेट्राेल पंपाें से कैन अथवा बैरल में पेट्राेल और डीजल की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए थे. आज से इन आदेशाें का पालन शुरू कर दिया गया है.
 
पेट्राेल और डीजल की आपूर्ति करने वाली कंपनियाें के प्रतिनिधियाें ने शहर के सभी पेट्राेल पंप संचालकाें काे चेतावनी दी है कि यदि पंप के नाेजल से कैन अथवा बैरल में पेट्राेल या डीजल की बिक्री करते हुए पाया गया ताे संबंधित पंप काे बंद कर दिया जाएगा. थाेक खरीद करने वाले औद्याेगिक प्रतिष्ठान अपेक्षाकृत कम कीमत पर उपलब्ध डीजल और पेट्राेल की खरीद कर रहे हैं तथा उनका भंडारण भी किया जा रहा है.इसका सीधा असर पेट्राेल पंपाें पर आने वाले आम ग्राहकाें पर पड़ रहा है. कई वाहन चालकाें काे घंटाें कतार में खड़े रहने के बावजूद ईंधन नहीं मिलने की शिकायतें मिलने लगी थीं. इसी कारण सरकार ने शुक्रवार काे पेट्राेल पंपाें से कैन अथवा बैरल में पेट्राेल और डीजल की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया. शुक्रवार काे जिला प्रशासन के अधिकारियाें तथा ऑयल मार्केटिंग कंपनियाें के अधिकारियाें के साथ हुई बैठकाें में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि यदि किसी पेट्राेल पंप के नाेजल से किसी प्रकार की अनाधिकृत या बड़े पैमाने पर बिक्री की गई अथवा ऐसी बिक्री के माध्यम से आपूर्ति किया गया ईंधन परिवहन के दाैरान पकड़ा गया ताे संबंधित पेट्राेल पंप के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
 
इस बीच प्रशासन के आदेश का पालन करते हुए सभी पेट्राेल पंप संचालकाें ने खुले रूप में पेट्राेल और डीजल की बिक्री बंद कर दी है. हालांकि, सरकार के इस आदेश का प्रभाव अब शहर के विभिन्न प्रतिष्ठानाें पर दिखाई देने लगा है. शहर में बड़ी संख्या में अस्पताल, चिकित्सा संस्थान, थिएटर तथा ऊंची इमारतें हैं. इन स्थानाें पर बिजली के विकल्प के रूप में डीजल से चलने वाले जनरेटर का उपयाेग किया जाता है. पिछले कुछ सप्ताहाें से शहर में बिजली कटाैती की घटनाएं बढ़ी हैं,जिसके कारण जनरेटर का उपयाेग भी अधिक किया जा रहा है. ऐसे में अब पेट्राेल पंपाें से डीजल मिलना बंद हाेने से इन सभी प्रतिष्ठानाें के सामने बड़ी समस्या खड़ी हाे गई है. पुणे की निर्माण व्यवसायी संघटना, अस्पतालाें तथा आरएमसी प्लांट संचालकाें ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि अत्यावश्यक आवश्यकता काे ध्यान में रखते हुए इन प्रतिष्ठानाें काे जनरेटर के लिए डीजल उपलब्ध कराया जाए.