सरकार ने काॅकराेचाें का ट्रेलर देखा, प्निचर ताे अभी बाकी है.यह प्रतिपादन काॅकराेच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने किया. वे जंतर-मंतर पर आंदाेलन के बाद रविवार काे संभाजीनगर स्थित अपने घर पहुंचने पर चेतावनी भी दी. दीपके घर आने के बाद प्रेस काॅन्फ्रेंस में कहा-अगर शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं दे रहे हैं ताे इसके लिए प्रधानमंत्री जिम्मेदार हाेंगे, पीएम माेदी रूस-यूके्रन का युद्ध राेक सकते हैं ताे ्नया पेपर लीक नहीं राेक सकते ? दीपके ने कहा-शिक्षामंत्री 7 दिनाें के अंदर इस्तीफा दें, अथवा पीएम माेदी उन्हें बर्खास्त करें नहीं ताे पूरे देश में इससे बड़ा आंदाेलन करने के लिए हमारी पार्टी तैयार है. दीपके ने कहा, शनिवार काे नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन काफी सफल रहा. 7,000 लाेगाें े हिस्सा लिया. शांतिपूर्ण विराेध प्रदर्शन ने सरकार काे एक ट्रेलर दिखाया है. बात अभी खत्म नहीं हुए है.
अब यह आंदाेलन पूरे देश में किया जाएगा. सीजेपी फाउंडर रविवार सुबह महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर के वालुज इलाके में अपने घर पहुंचे, जहां उनके परिवार के सदस्याें ने उनका स्वागत किया. अभिजीत ने घर पहुंचने के बाद अपने ए्नस अकाउंट पर पाेस्ट किया. उन्हाेंने लिखा कि वे आज इंस्टाग्राम लाइव पर फाॅलाेअर्स काे संबाेधित करेंगे. संबाेधन कब हाेगा, यह नहीं बताया है.जब तक हम आवाज नहीं उठाएंगे तब तक परिवर्तन नहीं हाे सकता. धर्मेंद्र प्रधान ने पूरी पीढ़ी के साथ अन्याय किया है. वे अगर इस्तीफा नहीं देते, ताे 13 जून काे फिर प्रदर्शन हाेगा.शनिवार काे प्रदर्शन में शामिल ज्यादातर लाेगाें ने पहलकभी किसी विराेध प्रदर्शन में हिस्सा नहीं लिया था, लेकिन हमारी माैजूदगी से उन्हें शिक्षा प्रणाली पर अपना गुस्सा और हताशा व्यक्त करने का साहस मिला. तेज गर्मी-धूप में खड़े छाेटे बच्चे और छात्राें ने साबित किया कि शांतिपूर्ण विराेध हमारी सबसे बड़ी ताकत है. मैं आपमें से हर एक काे धन्यवाद देता हूं्.
सरकार शांतिपूर्ण आंदाेलन काे छू नहीं सकती. हम काॅकराेचाें काे कभी भी उनसे डरने की जरूरत नहीं है. जंतर- मंतर की कम भीड़ ने साबित किया कि पार्टी काे अभी साेशल मीडिया से निकलकर जमीनी स्तर पर ब्लाॅक और जिला कमेटियां बनानी हाेंगी. 2011 के अन्ना आंदाेलन की कामयाबी के पीछे अलग-अलग संगठनाें का समर्थन था.काॅकराेच जनता पार्टी के पास कैडर नहीं है. उसका पूरा आधार क्लिक एक्टिविज्म पर टिका है. इंस्टाग्राम पर 2.2 कराेड़ फाॅलाेअर्स हाेना डिजिटल उपलब्धि ताे है, लेकिन इस वर्चुअल कैडर के पास न लीडर हैं और न ही बूथ मैनेजमेंट की काेई समझ. कामयाब राजनीतिक या सामाजिक आंदाेलन की पहली शर्त सिंगल पाॅइंट एजेंडा है. अन्ना आंदाेलन का एक साफ मकसद था- लाेकपाल बिल. इससे लाेग जुड़ गए. काॅकराेच जनता पार्टी के आंदाेलन में आए लाेगाें में काेई मणिपुर की बात कर रहा था, काेई टैक्स और पानी के संकट की, ताे काेई करप्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर की. पार्टी काे स्पष्ट राष्ट्रीय नीति और एजेंडा सामने रखना हाेगा.