इथेनाॅल से दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर बन रहा बायर्नीहाट !

    01-Jul-2026
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इथेनाॅल काे अक्सर एक स्वच्छ ईंधन के रूप में प्रचारित किया जाता है और माना जाता है कि इसे पेट्राेल में मिलाने से प्रदूषण कम हाेगा. हालांकि, मेघालय के बायर्नीहाट शहर से सामने आई एक हालिया वीडियाे डाॅक्यूमेंट्री इसके उलट हकीकत बयां करती है. यूट्यूबर सार्थक गाेस्वामी द्वारा अपने चैनल पर साझा की गई इस वायरल डाॅक्यूमेंट्री के अनुसार, बायर्नीहाट ने दिल्ली, मुंबई, गाजियाबाद और नाेएडा जैसे महानगराें काे पीछे छाेड़ते हुए भारत के सबसे प्रदूषित शहर का तमगा हासिल कर लिया है. इस प्रदूषण का एक मुख्य कारण यहाँ स्थित इथेनाॅल उत्पादन संयंत्र और अन्य उद्याेग हैं. डाॅक्यूमेंट्री में व्लाॅगर ने स्थानीय लाेगाें और एक अनुवादक की मदद से शहर का दाैरा किया.वीडियाे में दिखाया गया है कि कैसे पूरा इलाका घने धुएं और काली कालिख से ढका हुआ है.
 
पेड़-पाैधाें की पत्तियाें से लेकर खाने वाली सब्जियाें तक पर काली धूल जमी हुई है, जिसके कारण निवासियाें काे सब्जियां पकाने और खाने से पहले उन्हें कई बार धाेना पड़ता है. स्थानीय लाेगाें का दावा है कि जब से इलाके में सीमेंट कारखाने, शराब की भट्टियाँ और इथेनाॅल उत्पादन इकाइयाँ स्थापित हुई हैं, तब से प्रदूषण में भारी वृद्धि हुई है और लाेगाें का सांस लेना दूषित हवा के कारण दूहर हाे गया है.ग्रामीणाें का आराेप है कि इस प्रदूषण की वजह से सांस संबंधी और त्वचा की बीमारियाँ तेजी से फैल रही हैं, साथ ही पिछले कुछ वर्षाें में कैंसर के मामले भी बढ़े हैं. हालांकि, डाॅक्यूमेंट्री में यह स्पष्ट किया गया है कि इन बीमारियाें या माैताें काे सीधे ताैर पर किसी विशेष कारखाने से जाेड़ने का काेई वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है. इसके बावजूद, वृत्तचित्र में प्रस्तुत सरकारी आंकड़े बेहद चिंताजनक हैं. आंकड़ाें के अनुसार, इस क्षेत्र में श्वसन संबंधी बीमारियाें के मामले वर्ष 2022 में 2,082 थे, जाे वर्ष 2024 में बढ़कर 3,681 हाे गए.