बुधवार पेठ, 9 जुलाई (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क) शहर के प्रसिद्ध श्रीमंत दगडूसेठ हलवाई सार्वजनिक गणपति ट्रस्ट एवं सुवर्णयुग तरुण मंडल के तत्वावधान में मनाए जाने वाले 134वें वर्ष के गणेशोत्सव की तैयारियों का आधिकारिक श्रीगणेश हो गया है.उत्सव के लिए की जाने वाली भव्य सजावट का ‘वासापूजन’ (पारंपरिक लकड़ी पूजन) बेहद उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ. इस वर्ष उत्सव के मुख्य पंडाल में उत्तर प्रदेश के वृंदावन स्थित सुप्रसिद्ध ‘प्रेम मंदिर’ की भव्य और नयनाभिराम प्रतिकृति साकार की जाएगी. उत्सव के पारंपरिक स्थल जय गणेश प्रांगण में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में ट्रस्ट के अध्यक्ष सुनील रासने, उपाध्यक्ष माणिक चव्हाण, कोषाध्यक्ष महेश सूर्यवंशी, महासचिव एवं विधायक हेमंत रासने, सहसि चव अमोल केदारी, उत्सव प्रमुख अक्षय गोडसे और सुवर्णयुग तरुण मंडल के अध्यक्ष प्रकाश चव्हाण प्रमुख रूप से उपस्थित थे. इनके साथ ही यतिश रासने, सौरभ रायकर, मंगेश सूर्यवंशी, सचिन आखाड़े, अमोल चव्हाण, तुषार रायकर, इस वर्ष के कला निर्देशक नितेश कुमार और काले मांडववाले सहित मंडल के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे. लाखों श्रद्धालुओं के सुलभ दर्शन के लिए विशेष रचना : इस भव्य आयोजन के बारे में जानकारी देते हुए ट्रस्ट के अध्यक्ष सुनील रासने ने बताया कि जहां भक्ति प्रेम बनती है और प्रेम देवत्व बनता है, इसी पावन संकल्पना पर आधारित यह भव्य प्रतिकृति तैयार की जा रही है. नाना प्रकार की कलात्मक विशेषताओं से परिपूर्ण इस मंदिर की प्रतिकृति का आकार 120 फीट लंबा, 90 फीट चौड़ा और लगभग 100 फीट ऊंचा होगा. इस भव्य पंडाल की रचना में कई ‘विशाल स्तंभ’ (खांभ) और विभिन्न आकर्षक मूर्तियां शामिल होंगी. मुख्य गर्भगृह और मुख्य सभामंडप के स्तंभों की बनावट को बेहद सुव्यवस्थित और खुला रखा गया है, ताकि उत्सव के दौरान उमड़ने वाली लाखों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को दूर से ही बाप्पा के सहज, सुलभ और अत्यंत भव्य रूप से दर्शन हो सकें.