माेशी स्थित कचरा डिपाे में हुई दुर्घटना में 9 बेगुनाह मजदूराें की माैत हाे गई. माेशी दुर्घटना मामले काे संसद में उठाऊंगा यह जानकारी सांसद श्रीरंग बारणे ने पत्रकार-वार्ता में जानकारी दी. उन्हाेंने आगे कहा कि इस घटना के कारण पूरे पिंपरी-चिंचवड़ शहर में भारी आक्राेश की भावना पैदा हाे गई है. इतनी गंभीर दुर्घटना हाेने के बावजूद संबंधित काॅन्ट्रै्नटर, जिम्मेदार अधिकारियाें या अन्य दाेषियाें पर काेई ठाेस कार्रवाई हाेती दिखाई नहीं दे रही है. यह बात अत्यंत गंभीर है और इस लापरवाही पर संज्ञान लेना आवश्यक है, यह मांग सांसद श्रीरंग बारणे ने की है. सांसद ने साेमवार (13 जुलाई) काे मनपा आयुक्त डाॅ. विजय सूर्यवंशी काे इस संबंध में एक पत्र साैंपा. इस समय नगरसेविका सुलभा उबाले और नगरसेवक विश्वजीत बारणे भी उपस्थित थे.
बारणे ने कहा कि यह गंभीर संदेह पैदा हाेता है कि यह दुर्घटना ठाेस अपशिष्ट प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालने वाले संबंधित विभाग के अधिकारियाें और कचरा प्रसंस्करण करने वाले काॅन्ट्रै्नटर की लापरवाही के कारण हुई है. शहर से प्रतिदिन निकलने वाले ठाेस कचरे का समय पर और नियमाें के अनुसार निपटान करने में बड़े पैमाने पर कमियां रहने के कारण कचरे का एक विशाल ढेर खड़ा हाे गया. यह जानकारी भी सामने आई है कि ‘वेस्ट-टू-एनर्जी’ परियाेजना लगभग एक से डेढ़ महीने से बंद थी.
इसके अलावा 30 जून 2016 काे परियाेजना की अनुमति की अवधि समाप्त हाेने के बाद भी इसे किस कानूनी अनुमति के आधार पर चालू रखा गया, इसकी जांच हाेना आवश्यक है. बारणे ने यह भी मांग की है कि इस बात की गहन जांच की जाए कि ठाेस अपशिष्ट प्रबंधन नियम- 2016 के प्रावधानाें और अनुसूची में दिए गए सुरक्षा व प्रबंधन नियमाें का पालन किया गया था या नहीं.
दाेषियाें पर तत्काल कार्रवाई करें पिछले महीने वेस्ट-टू-एनर्जी परियाेजना की चिमनी गिरने के बावजूद आवश्यक सुरक्षा उपाय नहीं किए गए. इसके बावजूद श्रमिकाें काे उस क्षेत्र में काम करने के लिए मजबूर किया गया. जब परियाेजना बंद थी, ताे श्रमिकाें काे किसलिए बुलाया गया था? इसके साथ ही, यह जानकारी भी सामने आ रही है कि दुर्घटनाग्रस्त बिल्डिंग की दाे मंजिलें अवैध थीं. कचरे के इतने बड़े ढेर के पास ऐसी बिल्डिंग किन नियमाें के अंतर्गत बनाई गई, इसे अनुमति किसने दी और इसमें संबंधित अधिकारियाें की क्या जिम्मेदारी है, इसकी जांच हाेना बेहद जरूरी है.