बारिश के माैसम में पानी उबालकर पीना जरूरी

लगातार वर्षा से दूषित जल के कारण संक्रमण की आशंका : डाॅ्नटर्स द्वारा नागरिकाें काे सावधानी बरतने की सलाह

    14-Jul-2026
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शिवाजीनगर, 13 जुलाई (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)
 
पुणे शहर और आसपास के क्षेत्राें में लगातार हाे रही वर्षा के कारण जलजनित और संक्रामक राेगाें का खतरा काफी बढ़ गया है. वर्षा के कारण पेयजल स्राेताें में गंदगी, गाद तथा सीवर का पानी मिलने की आशंका बढ़ जाती है. ऐसे में नागरिकाें काे पीने का पानी छानकर कम से कम 10 से 15 मिनट तक अच्छी तरह उबालने और ठंडा हाेने के बाद ही उपयाेग करने की सलाह स्वास्थ्य विशेषज्ञाें ने दी है. साथ ही संभव हाे ताे गुनगुना पानी पीने की भी सलाह दी गई है. इधर, संक्रामक राेगाें पर नियंत्रण के लिए पुणे मनपा ने भी विभिन्न प्रतिबंधात्मक उपायाें की तैयारी शुरू कर दी है.
हर वर्ष वर्षाकाल के दाैरान दूषित पानी के कारण टाइफाइड, पीलिया, हैजा, दस्त, उल्टी, मितली तथा पेट संबंधी अनेक राेग बड़ी संख्या में सामने आते हैं.
 
वर्षा के दाैरान जलस्राेताें में गाद, सीवर का पानी तथा अन्य अशुद्धियां मिल सकती हैं. जल शुद्धिकरण की प्रक्रिया हाेने के बावजूद कई बार हानिकारक जीवाणु पूरी तरह नष्ट नहीं हाे पाते, इसलिए पानी काे अच्छी तरह उबालकर पीना अधिक सुरक्षित माना जाता है.
 
इससे गले के संक्रमण, तथा पाचन संबंधी समस्याओं का खतरा भी कम हाेता है.
 
वर्षाकाल में मच्छराें से फैलने वाले राेगाें की संभावना बढ़ने के कारण पुणे मनपा ने भी व्यापक तैयारी शुरू कर दी है. संवेदनशील क्षेत्राें की पहचान कर वहां दवा का छिड़काव, आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से बुखार के राेगियाें की खाेज, संक्रामक राेगाें का सर्वेक्षण, विभिन्न विभागाें के बीच समन्वय, पर्याप्त मात्रा में कीटनाशकाें का भंडारण, वृद्धाश्रमाें और आवासीय संस्थानाें में विशेष स्वास्थ्य जांच तथा मच्छराें के प्रजनन स्थलाें पर नियंत्रण के लिए समन्वित कीट प्रबंधन अभियान चलाया जाएगा.
 
जनरल फिजिशियन ने बताया कि वर्षाकाल में दस्त, उल्टी और मितली जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं. इसलिए नागरिकाें काे पानी छानकर और उबालकर ही पीना चाहिए तथा बाहर का पानी और खुले में रखा भाेजन पूरी तरह से नहीं खाना चाहिए.
 
पुणे मनपा के सहायक स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ.राजेश दिघे ने कहा कि पानी का गलत तरीके से भंडारण करने पर मच्छराें का प्रजनन तेजी से हाेता है. नारियल के खाेल, पुराने बर्तन या अन्य वस्तुओं में पानी जमा हाेने से मच्छराें की उत्पत्ति हाेती है. इसलिए नागरिक अपने आसपास का परिसर स्वच्छ रखें और कहीं भी पानी जमा न हाेने दें. वहीं अन्य एक जनरल फिजिशियन ने सलाह दी कि यदि पानी गंदा हाे ताे पहले उसे साफ सूती कपड़े से छानें, उसके बाद कम से कम 10 से 15 मिनट तक उबालकर ठंडा करें और तभी पीने के लिए उपयाेग करें.
 
पानी में जीवाणुओं की वृद्धि राेकने के लिए चिकित्सक अथवा मनपा की सलाह के अनुसार उचित मात्रा में क्लाेरीन की बूंदें या मेडिक्लाेर का उपयाेग करें.
 
पानी संग्रहित करने वाले बर्तन, ड्रम अथवा टंकियाें की नियमित सफाई करें तथा पानी काे हमेशा ढंककर रखें.