पुणे डिवीजन की विभागीय आयुक्त शीतल तेली-उगाले काे इस समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. समिति काे दाे महीने के भीतर अंतिम रिपाेर्ट प्रस्तुत करने का निर्दे श दिया गया है. इस संबंध में आधिकारिक शासन निर्णय (जीआर) साेमवार (13 जुलाई) काे जारी कर दिया गया है.
माेशी कचरा डिपाे में 8 जुलाई काे मनपा के वेस्ट-टू-एनर्जी परियाेजना परिसर में भारी बारिश के कारण सैनिटरी लैंडफिल पर कचरे का एक विशाल ढेर खिसककर वहां की प्रशासनिक बिल्डिंग पर गिर गया था. इस अत्यंत गंभीर दुर्घटना में 9 लाेगाें काे अपनी जान गंवानी पड़ी और वित्तीय व प्राॅपर्टी का भी बड़ा नुकसान हुआ. इस दुर्घटना की जांच करने और दाेषियाें की जवाबदेही तय करने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है.
समिति का कार्यक्षेत्र और जांच के मुख्य बिंदु इस उच्चस्तरीय समिति काे दुर्घटना के विभिन्न तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं की गहन जांच करने के आदेश दिए गए हैं.
समिति द्वारा दुर्घटना के तात्कालिक और मूल कारण काे निर्धारित करना. सैनिटरी लैंडफिल के खिसकने के पीछे के तकनीकी, भू-तकनीकी, भूगर्भीय, माैसम संबंधी और जल निकासी (ड्रेनेज) कारकाें का गहन अध्ययन करना. क्या कचरे के ढेर की ऊंचाई, ढलान और सुरक्षा निर्धारित तकनीकी मानदंडाें के अनुसार थी और क्या ‘ठाेस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2016’ व पर्यावरणीय नियमाें का उल्लंघन हुआ है, इसकी पुष्टि करना. क्या दुर्घटनाग्रस्त प्रशासनिक भवन का लाेकेशन, डिजाइन और स्ट्रक्चरल स्टेबिलिटी इंजीनियरिंग मानकाें के अनुसार उचित थी, इसकी जांच करना.
क्या दुर्घटना से पहले जमीन धंसने या कचरा खिसकने के संबंध में संबंधित अधिकारियाें, कर्मचारियाें या काॅन्ट्रै्नटर काे शिकायताें, व्हाट्सएप संदेशाें या ई-मेल के माध्यम से काेई चेतावनी मिली थी और उस पर क्या निवारक कार्रवाई की गई थी, इसका सत्यापन करना. प्रशासनिक लापरवाही, तकनीकी खामियां या नियमाें का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित अधिकारियाें, कर्मचारियाें या काॅन्ट्रै्नटर के खिलाफ अनुशासनात्मक और आपराधिक कार्रवाई की सिफारिश करना. वेस्ट-टू- एनर्जी परियाेजना काे सुरक्षित करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं काे राेकने के लिए अल्पकालिक व दीर्घकालिक कार्य याेजना और पूर्व चेतावनी प्रणाली का सुझाव देना.