जो लोग प्रेतात्माओं का अध्ययन करते हैं, वे कहते हैं कि प्रेमात्माओं की एक ही पीड़ा है कि उनके पास वासनाएं तो वही हैं, जो आपके पास हैं, लेकिन वासनाओं को पूरा करवा सके, ऐसा कोई उपकरण नहीं है. क्रोध उनको भी आता है, लेकिन चांटा मारना मुश्किल है, क्योंकि हाथ नहीं हैं. कामवासना उनको भी जागती है, लेकिन कामवासना का कोई यंत्र उनके पास नहीं है कि संभोग कर सकें.
इसलिए प्रेतात्मविद् कहते हैं कि आत्माएं निरंतर कोशिश में होती हैं कि किसी घर में मेहमान हो जाएं. और अगर आप थोड़े कमजोर हैं, संकल्प से थोड़े हीन हैं... संकल्पहीन आदमी का मतलब होता है, जो सिकुड़ा हुआ है, जिसके भीतर खाली जगह है. संकल्पवान आदमी का अर्थ होता है जो फैलकर जी रहा है. ऐसे व्यक्ति में प्रेतात्माएं प्रवेश नहीं कर पाती हैं.
लेकिन जो सिकुड़कर जी रहा है, डरा हुआ. डरे हुए का मतलब, सिकुड़ा हुआ. जो अपने ही घर में एक कोने में छिपा है; बाकी घर जिसने खाली छोड़ रखा है. जिसका शरीर भी बहुत-सा खाली पड़ा है. उसमें कोई प्रेतात्मा प्रवेश कर जाएगी. क्योंकि प्रेतात्मा कोशिश में है, शरीर मिल जाए, तो वासनाएं पूरी हो सकें. आप भी शरीर में इसीलिए प्रविष्ट हुए हैं, गर्भ में इसीलिए प्रविष्ट हुए हैं कि कुछ वासनाएं हैं, जो अधूरी रह गई हैं.