मुंबई, 13 जुलाई (वि.प्र.)
पश्चिम रेलवे एडवेंचर स्पोर्ट्स एसोसिएशन (डब्लूआरएएसए) के दल ने हिमाचल प्रदेश के बेहद चुनौतीपूर्ण किन्नौर कैलाश ट्रेक को सफलतापूर्वक पूरा कर अपनी उपलब्धियों में एक और गौरवपूर्ण अध्याय जोड़ लिया है. पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस कठिन अभियान में टीम के उत्कृष्ट तालमेल, अटूट सहनशक्ति और दृढ़ संकल्प का बेहतरीन परिचय देखने को मिला. मुख्य अभियान की शुरुआत से पहले, दल ने अत्यधिक ऊँचाई और मौसम के अनुकूल खुद को ढालने के लिए पहले युल्ला कांडा ट्रेक को पूरा किया. यहाँ लगभग 3,895 मीटर (12,778 फीट) की ऊँचाई पर दुनिया का सबसे ऊँचा भगवान श्रीकृष्ण का मंदिर स्थित है. इस 24 किलोमीटर लंबे शुरुआती ट्रेक को पार करने के बाद टीम रिकांग पिओ होते हुए तंगलिंग पहुँची, जहाँ से मुख्य किन्नौर कैलाश ट्रेक प्रारंभ हुआ्. तंगलिंग से करीब छह घंटे की कठिन पदयात्रा कर दल ने गणेश पार्क में रात्रि विश्राम किया और फिर अंतिम चरण की कठिन चढ़ाई पूरी की. इस सफल अभियान दल में मुख्य लोको निरीक्षक (टीम लीडर) मुनेश कुमार कुलश्रेष्ठ के नेतृत्व में पश्चिम रेलवे के नौ जांबाज कर्मचारी और उनके चार पारिवारिक सदस्य शामिल थे. कठिन पर्वतीय मार्ग, कम ऑक्सीजन और प्रतिकूल मौसम जैसी कई गंभीर चुनौतियों के बावजूद पूरे दल ने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार इस ट्रैकिंग अभियान को पूरी तरह सुरक्षित और सफल बनाया. यह ऐतिहासिक सफलता रेलवे सदस्यों के बीच साहसिक खेलों, शारीरिक फिटनेस और संघर्षशीलता की भावना को प्रोत्साहित करने की डब्लूआरएएसए की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है.