बावधन, 14 जुलाई (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क) आषाढ़ी वारी के अवसर पर वारकरियाें के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए ‘सूर्यदत्त इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ साइंसेस काॅलेज ऑफ फिजियाेथेरेपी, सूर्यदत्त काॅलेज ऑफ फार्मे सी, हेल्थकेयर एंड रिसर्च और मुख्यमंत्री सहायता निधि कक्ष के संयुक्त तत्वावधान में ‘आराेग्य भारती-चरण सेवा’नामक विशेष स्वास्थ्य सेवा शिविर का आयाेजन किया गया. नाना पेठ में आयाेजित इस कार्यक्रम में 250 से अधिक वारकरियाें ने सेवा, स्वास्थ्य जांच और मार्गदर्शन का लाभ लिया. सूर्यदत्त एजुकेशन फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष प्राे. डाॅ. संजय बी. चाेरडिया की प्रेरणा से और उनके जन्मदिन के अवसर पर उन्हें समाज सेवा की एक अनूठी मानवंदना देने के लिए इस उपक्रम का आयाेजन किया गया था. प्राचार्या डाॅ. सिमी रेठरेकर और प्राचार्या डाॅ. सारिका झांबड की पहल पर इस उपक्रम काे लागू किया गया.
आषाढ़ी वारी के दाैरान सैकड़ाें किलाेमीटर की पैदल यात्रा करने वाले वारकरियाें काे मांसपेशियाें और जाेड़ाें में तनाव, पैराें में दर्द, थकान और अन्य शारीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है. इसलिए, काॅलेज ऑफ फिजियाेथेरेपी के छात्राें ने प्राे. डाॅ. चैताली नेवे (पीटी), डाॅ. आइजैक साल्वे (पीटी) और डाॅ. अक्षता माने (पीटी) के मार्गदर्शन में वारकरियाें की गहन जांच की और उन्हें आवश्यक फिजियाेथेरेपी उपचार प्रदान किया. इसी के साथ, सूर्यदत्त काॅलेज ऑफ फार्मे सी, हेल्थकेयर एंड रिसर्च के डिग्री और डिप्लाेमा फार्मेसी पाठ्यक्रमाें के छात्राें और प्राध्यापकाें ने वारकरियाें के लिए पैराें की मालिश (फुट मसाज), प्राथमिक स्वास्थ्य जांच, दवाइयां, स्वास्थ्य परामर्श, आवश्यक चिकित्सा मार्गदर्शन के साथ-साथ अन्य समाजाेपयाेगी सेवाएं प्रदान कीं.
इस पहल के बारे में प्राे. डाॅ. संजय बी. चाेरडिया ने कहा, आषाढ़ी वारी केवल श्रद्धा की परंपरा नहीं है, बल्कि सेवा, समर्पण और मानवता का उत्सव है.