पुणे, 15 जुलाई (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क) सरकार या मुख्यमंत्री की आलाेचना करना देश के खिलाफ युद्ध छेड़ना नहीं माना जा सकता. यह महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए पुणे के सेशन काेर्ट ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के शरद पवार गुट के नेता महादेव बालगुड़े काे जमानत मंजूर कर दी.
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बी. डी. कुलकर्णी ने जमानत आवेदन मंजूर करते हुए स्पष्ट किया कि प्रत्येक नागरिक काे सरकार के कामकाज पर टिप्पणी करने, उसकी सराहना करने और उसकी आलाेचना करने का अधिकार है.शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के साेशल मीडिया विभाग के प्रदेश प्रमुख महादेव बालगुड़े काे अप्रैल में गिरफ्तार किया गया था.
उन पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की कथित रूप से माॅर्फ की गई तस्वीरें साेशल मीडिया पर प्रसारित करने तथा नक्सलवादियाें के प्रति सहानुभूति दर्शाने वाली सामग्री पाेस्ट करने का आराेप है.उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 152 सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था.
धारा 152 भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता काे खतरे में डालने वाले कृत्याें से संबंधित है. काेर्ट ने कहा कि उपलब्ध दस्तावेजाें से यह प्रतीत हाेता है कि आराेपी ने कुछ मामलाें की जांच प्रक्रिया और सरकारी याेजनाओं के क्रियान्वयन पर प्रश्न उठाए थे. इस प्रकार की आलाेचना सार्वजनिक चर्चा के दायरे में आती है. काेर्ट ने स्पष्ट किया कि रिकाॅर्ड पर ऐसा काेई साक्ष्य नहीं है जिससे यह साबित हाे कि आराेपी ने राज्य के खिलाफ युद्ध छेड़ा, इसके लिए उकसाया या देश की संप्रभुता और अखंडता काे खतरे में डालने वाला काेई कृत्य किया.
इसलिए इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 152 लागू हाेने पर प्रश्न उठता है, जबकि अन्य धाराएं जमानत याेग्य हैं.
चूंकि पुलिस इस मामले में अपनी जांच पूरी कर चुकी है और अदालत में आराेपपत्र भी दाखिल हाे चुका है, इसलिए न्यायाधीश ने कहा कि आराेपी से अब हिरासत में पूछताछ की काेई आवश्यकता नहीं ह