तेहरान/पुणे, 15 जुलाई (वि.प्र.) ईरान द्वारा जहाज पर हमलें में पुणे के मरीन इंजीनियर हेरंब करमरकर की माैत हाे गयी.परिवार काे मैसेज भेजा- हमने हाेर्मुज पार कर लिया है, लेकिन तभी ईरान द्वारा मिसाइल हमला हुआ और उसकी जान चली गयी.
अमेरिका और ईरान युद्ध ने एक और भारतीय की जान ले ली.
हेरंब करमरकर साइप्रस के काॅमर्शियल जहाज जीएफएक्स गैलेक्सी पर तैनात थे. उन्हाेंने परिवार काे कुछ ही देर पहले मैसेज किया था कि हमारा जहाज सुरक्षित स्ट्रेट ऑफ हाॅर्मुज काे पार कर गया है, लेकिन तभी ईरान की मिसाइल ने जहाज काे तबाह कर दिया और उनकी जान चली गई.
पुणे के मरीन इंजीनियर हेरंब करमरकर महज 30 साल के थे.
रिपाेर्ट के मुताबिक, हेरंब उन भारतीय क्रू के सदस्याें में शामिल थे, जाे रविवार काे जहाज पर हुए हमले के बाद लापता हाे गए थे. विदेश मंत्रालय के अनुसार, जहाज पर सवार 10 भारतीय नागरिकाें काे सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि एक भारतीय के लापता हाेने की जानकारी दी गई थी. बाद में परिवार ने काे पता चला की लापता मरीन इंजीनियर हेरंब करमरकर की माैत हाे चुकी है.
हेरंब के परिवार ने केंद्र सरकार से उनका पार्थिव शरीर सुरक्षित भारत लाने की अपील की है. उनके ससुर विवेक टंडन ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, वे महज 30 साल के थे, उनकी पूरी जिंदगी बची हुई थी. हमारा सरकार से सिर्फ यही अनुराेध है कि उनका शव सुरक्षित और सम्मान के साथ हमें साैंपा जाए. शव काे जल्द से जल्द भारत लाया जाए.