सोलापुर/पुणे, 15 जुलाई (वि.प्र.)
मध्य रेल का सोलापुर मंडल 15 जुलाई 2026 को हुतात्मा एक्सप्रेस की 25 वर्षों की समर्पित सेवा पूरी होने पर गर्व से सिल्वर जुबली मना रहा है. 15 जुलाई 2001 को शुरू हुई यह ट्रेन महाराष्ट्र के दो प्रमुख शहरों के बीच वेिशसनीय कनेक्टिविटी, यात्री सुविधा और क्षेत्रीय प्रगति का एक बड़ा प्रतीक बनकर उभरी है. विनीत अभिषेक (सीपीआरओ, पश्चिम रेलवे) के अनुसार, पिछले ढाई दशकों में यह ट्रेन लाखों दैनिक यात्रियों, छात्रों, व्यापारियों और पर्यटकों की जीवन रेखा बन चुकी है. ट्रेन संख्या 12158 (सोलापुरपुणे) और 12157 (पुणे-सोलापुर) के रूप में चलने वाली हुतात्मा एक्सप्रेस करीब चार घंटे में 263 किलोमीटर की दूरी तय करती है. यह ट्रेन कुर्डूवाड़ी और दौंड जैसे प्रमुख स्टेशनों को जोड़ती है. वर्तमान में यह 16 कोचों के साथ संचालित हो रही है, जिसमें एसी चेयर कार, एसी 3-टियर इकोनॉमी, स्लीपर और 10 सेकंड क्लास सिटिंग कोच शामिल हैं, जो आराम और सामर्थ्य का बेहतरीन तालमेल देते हैं.
वीर सपूतों की देशभक्ति की याद को जीवित रखती है इस ट्रेन का नाम सोलापुर के स्वतंत्रता संग्राम के चार अमर शहीदों जगन्नाथ शिंदे, कुर्बान हुसैन, किसान सारदा और मल्लप्पा धनशेट्टी के सर्वोच्च बलिदान के सम्मान में रखा गया है. यह ट्रेन इन वीर सपूतों की देशभक्ति की याद को जीवित रखती है. सोलापुर मंडल ने इस मील के पत्थर पर यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं को और बेहतर बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है ताकि यह ऐतिहासिक ट्रेन आने वाले कई वर्षों तक लोगों और उनकी आकांक्षाओं को जोड़ती रहे.