अमेरिका के शहर कैलिफाेर्निया की वह प्रेस काॅन्फ्रेंस कुछ असाधारण सी थी. बीती 7 जुलाई काे अमेरिकी न्याय विभाग के अधिकारी विल ऐश्ली ने इसमें 24 गिरफ्तार समेत 37 लाेगाें के खिलाफ औपचारिक रूप से आराेप लगाए कि उन्हाेंने संगठित गिराेह बनाकर अमेरिका, कनाडा, भारत व कई यूराेपीय देशाें में अपहरण, फिराैती, नशीले पदार्थाें की तस्करी और हत्या जैसे अपराध अंजाम दिए या देने की काेशिश की.
अमेरिकी न्याय-व्यवस्था में ऐसे दाेषाराेपण काे ‘इंडाय्नटमेंट’ या औपचारिक रूप से आराेपित करना कहते हैं. यह आपराधिक न्याय प्रणाली (विशेषकर अमेरिका जैसे देशाें) में इस्तेमाल हाेने वाला एक औपचारिक लिखित दस्तावेज हाेता है, जिसके माध्यम से भी नियाेजन पक्ष (या ग्रैंड जूरी) किसी व्य्नित पर काेई गंभीर अपराध करने का औपचारिक आराेप लगाता है. भारत में यह पुलिस की चार्जशीट जैसा है, जाे किसी सक्षम अदालत में दाखिल हाेती है और जिसके आधार पर अदालतें अभियु्नताें के विरूद्ध अभियाेग से शुरू करती हैं. बीती 7 जुलाई काे तीन इंडाय्नटमेंट पेश किए गए, जिनके आधार पर इन 37 लाेगाें के विरुद्ध अमेरिकी अदालतें आपराधिक मामले शुरू करेंगी.
यह प्रेस काॅन्फ्रेंस हमारे लिए असाधारण दिलचस्पी का बायस इसलिए भी बन गई कि इनमें इसमें आराेपित ज्यादातर अपराधी भारतीय नागरिक या मूल के हैं और कुछ ताे भारतीय जेलाें में ही बंद हैं. छाेटी संख्या दूसरी नागरिकताओं की भी है, पर नेतृत्वकारी भूमिका में भारतीय गैंगस्टर ही हैं.
ये इंडाय्नटमेंट इसलिए भी बहुत संवेदनशील हाे जाते हैं कि अमेरिकी एजेंसियाें द्वारा उल्लिखित कुछ मामले कनाडा और अमेरिका के ऐसे दाे नागरिकाें पर हमलाें से जुड़े हैं, जाे भारत के पृथकतावादी खालिस्तान आंदाेलन में सक्रिय थे.
इन इंडाय्नटमेंट में भारत के लिए एक और दिलचस्पी का बायस हाे सकता है. इसमें एक ऐसे प्र्रकरण का उल्लेख है, जिसमें पंजाब के हाेशियारपुर जिले के टांडा थाने के प्रभारी गुरिंदरजीत सिंह नागरा ने एक अंतरराष्ट्रीय गैंगस्टर के साथ आपराधिक सांठ-गांठ कर एक अमेरिका नागरिक काे धमकी दी कि यदि उसे चार लाख डाॅलर की रिश्वत नहीं दी गई, ताे वह उसके भारतीय रिश्तेदाराें काे हत्या के मामले में झूठा फंसा देगा. ऐश्ली ने प्रेस काॅन्फ्रेंस में बताया कि इस पुलिस अफसर काे भारत से प्रत्यावर्तित कराने का प्र्रयास किया जाएगा. इन खबराें के छपते ही इंस्पे्नटर नागरा काे निलंबित कर पुलिस लाइन्स भेज दिया गया है. उनके विरुद्ध एक पुलिस अधीक्षक द्वारा जांच शुरू कर दी गई है.
इस पूरे प्रकरण में सबसे गंभीर आराेप यह है कि इंस्पे्नटर नागरा ने गैंगस्टर भगवान पुरिया के कहने पर अमेरिकी नागरिक काे धमकी दी थी. भगवान पुरिया इन दिनाें पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या समेत लगभग 100 आपराधिक मामलाें में असम की तेजपुर जेल में बंद है. इसके अतिर्नित एक अन्य भारतीय गैंगस्टर लाॅरेंस बिश्नाेई का नाम भी ऐश्ली ने कई बार लिया और इंडाय्नटमेंट के अनुसार उसने भी भारतीय जेलाें में बंद रहने के बावजूद अमेरिका के कुछ गैंगस्टराें से, जाे वास्तव में अमेरिकी पुलिस के द्दद्म एजेंट थे, टेलीफाेन पर संपर्क कायम कर उन्हें कुछ अमेरिकी नागरिकाें की हत्या की सुपारी देने की काेशिश की थी.
वैश्वीकरण ने सिर्फ सकारात्मक अर्थाें में ही दुनिया की दूरियां कम नहीं की हैं, इससे अपराधियाें के सपनाें, महत्वाकांक्षाओं और सामर्थ्य में भी बेतहाशा वृद्धि हुई है.
याद कीजिए, कथाकार भगवती चरण वर्मा की 1940 के दशक में लिखी गई कहानी दाे बांके, जिसमें माेहल्ले तक प्रभाव रखने वाले गुंडाें की कथा है. यह कहानी आगे चलकर बीहड़ाें तक पहुंची,जहां अपेक्षाकृत बड़े भूभाग काे प्रभावित कर सकने में समर्थ दस्युओं की गाथाएं सुनने काे मिलने लगीं और फिर बढ़ते शहरीकरण और समृद्धि के चलते प्रदेशाें की सीमाओं काे फलांग सकने वाले अपराधियाें की पाैधा तैयार हाेने लगी. अपराधियाें की प्राेफाइल में बड़ा परिवर्तन आया. 1990 के आस-पास, जब उदारीकरण और तज्जनित वैश्वीकरण के चलते हर क्षेत्र में संभावनाओं के द्वार खुले और भारतीय अपराधियाें ने भी विश्व पटल पर हलचल मचानी शुरू कर दी. संचार साधनाें और यात्राओं के सुलभ हाेते जाने के चलते अपराध लाेकल से ग्लाेबल हाे गया है.
भारत सरकार के लिए इस प्रेस काॅन्फ्रेंस में एक राहत की बात यह हुई कि पूरी प्रस्तुति में किसी सरकारी एजेंसी का नाम नहीं आया. कुछ साल पूर्व खालिस्तान समर्थक निज्जर की हत्या के समय कनाडा के तत्कालीन प्रधानमंत्री टूडाे ने आराेप लगाया था कि इस अपराध में कुछ भारतीय एजेंसियां और अधिकारी शामिल हैं. इन आराेपाें के चलते भारत व कनाडा के रिश्ते बुरी तरह बिगड़ गए थे, जाे बड़ी मुश्किल से पटरी पर लाैटे हैं.
हालांकि, इससे एक बहुत ही चिंताजनक तथ्य उभरकर सामने आया है कि भारतीय जेलाें में बंद कुख्यात गैंगस्टर भ्रष्ट जेलकर्मियाें की मदद से अपना काराेबार जारी रखते हैं. अमेरिकी एजेंटाें के पास इन अपराधियाें और इंस्पे्नटर नागरा के फाेन काॅल्स की रिकाॅर्डिंग माैजूद हैं. यह ताे एक आम जानकारी का विषय है कि विभिन्न भारतीय जेलाें में बंद दुर्दांत अपराधी भ्रष्ट कर्मियाें की सहायता से हत्या, अपहरण या फिराैती जैसे अपराधाें के सिंडिकेट लाते रहते है. मेरी व्य्नितगत राय है कि इंस्पे्नटर नागरा समेत उन सभी जेल प्रभारियाें के खिलाफ कठाेरतम कार्रवाई की जानी चाहिए, जिनसे सेल में बंद अपराधी अपने देश-विदेशी गुर्गाें के जरिये संपर्क करते पाए गए हैं. यदि अमेरिकी अधिकारी उन्हें प्रत्यावर्तित करने का अनुराेध करें, ताे हमें इस पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करना चाहिए.
इस पूरे प्र्रकरण का एक सकारात्मक पक्ष यह है कि 37 आराेपिताें में से 24 कनाडा, अमेरिका या यूराेप की धरती से गिरफ्तार किए गए हैं. ये वर्षाें से वहां सक्रिय थे और ऐसा सिर्फ इसलिए संभव हाे सका कि इन देशाें ने वर्षाें से आव्रजन बड़ा आसान बना रखा था.
-विभूति नारायण राय