शिवाजीनगर, 16 जुलाई (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क) फ्यूल एजुकेशन इंस्टीट्यूट द्वारा हाल ही में भक्ति, परंपरा, कला और ईेशर के बीच संबंधों का उत्सव माऊली-एक टाइमलेस ट्रेडीशन आयोजित किया गया. पंढरपुर वारी की भावना को जीवंत करने वाली यह प्रस्तुति एमईएस ऑडिटोरियम में भरतनाट्यम के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय भरतनाट्यम नर्तक कलईमामणि बाला देवी चंद्रशेखर ने दी, जिससे दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए. संत तुकाराम, संत ज्ञानेेशर, संत नामदेव और संत एकनाथ महाराज के विभिन्न रचनाओं पर आधारित नृत्य यहां पर प्रस्तुत किए गए. अध्यात्म से भरपूर इन रचनाओं को भरतनाट्यम के माध्यम से पंढरपुर की वारी (यात्रा) के इतिहास, संस्कृति और विभिन्न भावनाओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया. इस अवसर पर फ्यूल एजुकेशन इंस्टीट्यूट के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. केतन देशपांडे, सीईओ मयूरी देशपांडे, एमईएस के सीईओ सचिन अंबरडीकर, अमित वाजगे, चन्द्रशेखर बलरामन सहित समाज के विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे. कलईमामणि बाला देवी चंद्रशेखर ने कहा, हर कलाकार को समाज से प्रेरणा और समर्थन मिलता है. इसलिए समाज का कर्ज चुकाना हर कलाकार की जिम्मेदारी है.