श्री विठ्ठल के चरणों में सोने की पादुकाएं अर्पित

अहिल्यानगर के एक अनाम भक्त द्वारा 56 लाख रुपये का सोना दान

    17-Jul-2026
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पंढरपुर / पुणे, 16 जुलाई (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)

पंढरपुर के श्री विठ्ठल के चरणों में पहली बार सोने की पादुकाएं अर्पित की गई हैं. अहिल्यानगर के एक अनाम भक्त ने लगभग आधा किलो वजन और करीब 56 लाख रुपये मूल्य की ये सोने की पादुकाएं श्री विठ्ठल को अर्पित की हैं. आषाढ़ महीने के पहले दिन ये सुवर्ण पादुकाएं श्री विट्ठल के चरणों में अर्पित कर उन्हें पहनाई गईं. श्री विठ्ठल मंदिर के सोना-चांदी विभाग के प्रमुख राजेंद्र सुभेदार ने बताया कि इन पादुकाओं की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इन्हें श्री विट्ठल के चरणों का कोई प्रत्यक्ष नाप लिए बिना तैयार किया गया था और ये पादुकाएं पैरों में बिल्कुल सही (फिट) बैठीं. इन सुवर्ण पादुकाओं को बनाने का सौभाग्य महाराष्ट्र के सुप्रसिद्ध रांका ज्वेलर्स को मिला है. रांका ज्वेलर्स के चार कुशल कारीगरों ने मात्र आठ दिनों में इन पादुकाओं का निर्माण किया है. पादुकाओं पर आकर्षक नक्काशी भी इन्हीं कारीगरों ने बहुत बारीकी से उकेरी है. रांका ज्वेलर्स के निदेशक वास्तुपाल रांका ने कहा, यह सेवा हमारे संस्थान के लिए अत्यंत सौभाग्य और गर्व की बात है. इससे पहले भी रांका ज्वेलर्स को विभिन्न देवस्थानों की स्वर्ण सेवा का सौभाग्य प्राप्त हुआ है. अब पंढरपुर के विठूराया के चरणों में वास्तविक रूप से चरणसेवा अर्पित करने का अवसर मिलना, हमारे जीवन का एक अविस्मरणीय क्षण है.  
 
सोने की पादुकाएं अर्पित करने का पहला मौका

गौरतलब है कि इससे पहले श्री विठ्ठल के चरणों में चांदी की पादुकाएं थीं, लेकिन सोने की (स्वर्ण) पादुकाएं अर्पित करने का यह पहला ही मौका है. बताया गया कि हिंदू धर्म के प्रमुख त्यौहारों और महापूजा के अवसरों पर ये स्वर्ण पादुकाएं श्री विठ्ठल को धारण कराई जाएंगी.