
पुणे, 16 जुलाई (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क) माया चैरिटेबल फाउंडेशन ने आषाढ़ी वारी के पावन अवसर पर इस वर्ष भी अपनी 24 वर्षों से चली आ रही वारकरी सेवा की परंपरा को कायम रखते हुए वाल्हेगांव में लगभग 20,000 वारकरियों के लिए निःशुल्क भोजन प्रसाद एवं चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई. मंगलवार, (14 जुलाई) को आयोजित इस सेवा अभियान में सैकड़ों स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर मानव सेवा का प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया. वारी सेवा के दौरान भोजन प्रसाद के साथ-साथ प्राथमिक चिकित्सा एवं आवश्यक स्वास्थ्य सहायता की भी व्यवस्था की गई. संस्था का मानना है कि वारकरियों की सेवा केवल सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि संत परंपरा के प्रति श्रद्धा और मानवता की सच्ची अभिव्यक्ति है. इसी भावना से यह सेवा पिछले 24 वर्षों से निरंतर जारी है. संस्था के वर्तमान अध्यक्ष विक्रम राम अग्रवाल ने कहा कि माया चैरिटेबल फाउंडेशन भविष्य में डायलिसिस सेवाओं का विस्तार, नई स्वास्थ्य सुविधाओं की शुरुआत तथा अधिक से अधिक जरूरतमंद मरीजों तक सस्ती और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि ‘सेवा ही सबसे बड़ी साधना है’ इस वेिशास के साथ माया चैरिटेबल फाउंडेशन मानव सेवा के अपने अभियान को और अधिक व्यापक बनाने के लिए निरंतर कार्य करता रहेगा. इस अवसर पर माया के अध्यक्ष विक्रम राम अग्रवाल, सचिव विकास रमेश गुप्ता, कोषाध्यक्ष मुकेश श्रीभगवान अग्रवाल, डायरेक्टर्स में कांतीलाल धरमचंद गर्ग, श्याम पातीराम गोयल, राजेश सत्यनारायण मित्तल, अनिल सूरजमल गुप्ता एवं अरविंद अग्रवाल ने विशेष परिश्रम किए.