नई दिल्ली, 17 जुलाई (वि.प्र./वार्ता) शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग काे लेकर भूख हड़ताल पर बैठे साेनम वांगचुक के आर्गन फेल्याेर का खतरा बढ़ गया है. उनका 9 किलाे वजन कम हुआ है इसलिए स्वास्थ्य काे लेकर डाॅ्नटराें ने चिंता जतायी है. भूख हड़ताल के 20 वे दिन वांगचुक बाेले- मैं 20 जुलाई तक जिंदा रहना चाहता हूं ताकि छात्राें काे न्याय दिलाने संसद मार्च में शामिल हाे सकूं.
मजाक में यह भी बाेले- यदि मेरी माैत भी हाे गयी ताे भूत बनकर लाैटूंगा.
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग काे लेकर साेनम वांगचुक 20वें दिन भी भूख हड़ताल पर बैठे हैं. डाॅक्टराें की टीम लगातार उनकी सेहत की जांच कर रही है. बताया जा रहा है कि उनका वजन भी 9 किलाेग्राम तक कम हाे चुका है.
उन्हाेंने कहा, मैं किसी भी कीमत पर 20 जुलाई तक जीवित रहूंगा ताकि आप सबके साथ संसद तक मार्च कर सकूं; और अगर 20 जुलाई काे हमारा मार्च सफल नहीं हुआ, ताे मैं भूत बनकर लाैट आऊंगा! साेनम वांगचुक द्वारा कही इस बात काे बताते हुए काॅकराेच जनता पार्टी ने एक्स पर पाेस्ट कर कहा कि साेनम वांगचुक ने अपने जीवन के इतने कठिन समय में भी अपना सेंस ऑफ ह्यूमर नहीं खाेया है.
उन्हाेंने युवाओं से संसद की ओर मार्च पर चलने की अपील भी की. साेनम वांगचुक की टिप्पणियाें काे साझा करते हुए काॅकराेच जनता पार्टी ने पाेस्ट में लिखा, भारत जाग रहा है, इस विराेध प्रदर्शन ने राजनीतिक ध्यान भी आकर्षित किया है. गुरुवार काे केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता पिनारई विजयन ने केंद्र पर वांगचुक के बिगड़ते स्वास्थ्य के प्रति उदासीनता बरतने का आराेप लगाया.