आयाेजित अन्न सुरक्षा परिषद के समापन के बाद संवाददाताओं से बात करते हुए आयुक्त मुंढे ने यह घाेषणा की. इस अवसर पर एमसीसीआईए के महानिदेशक प्रशांत गिरबने भी प्रमुख रूप से उपस्थित थे.
22 कड़े मानकाें पर कसी जाएगी नकेल आयुक्त तुकाराम मुंढे ने स्पष्ट किया कि विभाग का प्राथमिक ध्यान नागरिकाें काे सुरक्षित भाेजन और दवाएं उपलब्ध कराने पर है. इसके तहत खाद्य पदार्थाें के उत्पादन, उनके भंडारण (स्टाेरेज), परिवहन (ट्रांसपाेर्टेशन) से लेकर उपभाेक्ताओं तक उनके वितरण के समय पारदर्शिता की जांच की जा रही है. खाद्य सुरक्षा के कुल 22 निर्धारित मानकाें का कड़ाई से पालन कराया जा रहा है और उल्लंघन करने वालाें पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
उन्हाेंने बताया कि यदि एक ही व्यक्ति खाद्य या औषधि क्षेत्र में विभिन्न प्रकार के व्यवसाय चला रहा है, ताे ब्लाॅकचेन तकनीक के माध्यम से उसकी पूरी कार्यप्रणाली और सप्लाई चेन का डिजिटल ट्रैक रखा जाएगा. विभाग केवल मिलावटखाेराें पर ही नहीं, बल्कि उत्पादन से लेकर वितरण तक हर स्तर पर मानकाें की पूर्ति की निगरानी कर रहा है.
बीमारियाें के लिए खान-पान जिम्मेदार स्वास्थ्य के प्रति चिंता व्यक्त करते हुए आयुक्त ने एक महत्वपूर्ण आंकड़ा साझा किया. उन्हाेंने कहा कि आजादी के समय देश में हृदय राेग और मधुमेह (डायबिटीज) जैसी गैर-संक्रामक बीमारियाें का प्रमाण केवल 30 प्रतिशत था, जाे अब बढ़कर 70 प्रतिशत तक पहुंच गया है. इसका मुख्य कारण हमारा गलत खान-पान और दूषित आहार है. इसलिए उपभाेक्ताओं काे काेई भी खाद्य उत्पाद खरीदते समय केवल उसकी कीमत और उपयाेग की एक्स्पायरी डेट नहीं देखनी चाहिए, बल्कि उसमें काैन-काैन से खाद्य घटकाें (सामग्री) का उपयाेग किया गया है, इसे भी ध्यान से पढ़ना चाहिए.
शिकायत निवारण में आएगी तेजी एआई और ऑनलाइन माॅनिटरिंग सिस्टम के सक्रिय हाेने से आम जनता की शिकायताें पर हाेने वाली कार्रवाई की रफ्तार दाेगुनी हाे जाएगी. लापरवाही बरतने वाले अधिकारियाें की जवाबदेही भी तय हाेगी.
सप्लाई चेन पर सख्त नियंत्रण: ब्लाॅकचेन तकनीक के उपयाेग से नकली दवाओं और मिलावटी खाद्य पदार्थाें के कारखानाें से लेकर रिटेल काउंटर तक पहुंचने के रास्ते हमेशा के लिए बंद किए जा सकेंग