पुणे, 20 जुलाई (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क) लोकमान्य तिलक स्मारक ट्रस्ट की ओर से देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को इस वर्ष के लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा. यह पुरस्कार समारोह शनिवार, 1 अगस्त को दोपहर 12 बजे मुकुंदनगर स्थित कटारिया हाईस्कूल मैदान में आयोजित होगा. ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. रोहित तिलक और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के हाथों तथा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति में अजीत डोभाल को यह सम्मान प्रदान किया जाएगा. इसकी जानकारी ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. रोहित तिलक ने सोमवार को आयोजित पत्रकार परिषद में दी. इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार भी प्रमुख रूप से उपस्थित रहेंगी. ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. रोहित तिलक तथा अन्य प्रमुख अतिथियों के हाथों पुरस्कार प्रदान किया जाएगा. देश की सुरक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले अजीत डोभाल को शत्रु देशों का काल के रूप में भी जाना जाता है. ऑपरेशन सिंदूर, ऑपरेशन हॉट परसूट, बालाकोट एयर स्ट्राइक और डोकलाम में हुई कूटनीतिक वार्ताओं में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है. आतंकवाद के खिलाफ अभियान चलाने और देश की सीमाओं को मजबूत बनाने में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की सुरक्षा नीति और रणनीति को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने में भी उनकी भूमिका उल्लेखनीय रही है. उन्होंने एक दशक से अधिक समय तक खुफिया ब्यूरो का नेतृत्व किया और उसके निदेशक के रूप में भी कार्य किया. उन्होंने 33 वर्षों से अधिक समय तक खुफिया अधिकारी के रूप में सेवा दी. आतंकवाद विरोधी अभियानों और गुप्त मिशनों में उनके योगदान तथा राष्ट्र को अधिक सुरक्षित और सशक्त बनाने में निभाई गई भूमिका के लिए उन्हें लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चुना गया है, ऐसा डॉ. रोहित तिलक ने बताया. लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार में स्मृतिचिह्न, सम्मानपत्र और एक लाख रुपये की सम्मान राशि प्रदान की जाती है. वर्ष 1983 से यह पुरस्कार दिया जा रहा है. पहले वर्ष यह सम्मान एस. एम. जोशी को प्रदान किया गया था. अब तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अटल बिहारी वाजपेयी, इंदिरा गांधी, डॉ. मनमोहन सिंह, पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, वरिष्ठ नेता शरद पवार, नितिन गडकरी, राहुल कुमार बजाज, जी. माधवन नायर, एन. आर. नारायण मूर्ति, डॉ. शिवथानु पिल्लई, मोंटेक सिंह अहलूवालिया, डॉ. कोटा हरिनारायण, डॉ. के. सिवन, बाबा कल्याणी, डॉ. सायरस पूनावाला, सुधा मूर्ति सहित कई प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों को सम्मानित किया जा चुका है.
एनएसए अजीत डोभाल का संक्षिप्त परिचय अजीत डोभाल का जन्म 20 जनवरी 1945 को उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल में हुआ था. वह भारतीय प्रशासनिक अधिकारी नहीं, बल्कि भारतीय पुलिस सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी और पूर्व खुफिया अधिकारी हैं. अजीत डोभाल भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के रूप में सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले व्यक्ति हैं. उन्होंने अजमेर मिलिट्री स्कूल, आगरा वेिशविद्यालय और नेशनल डिफेंस कॉलेज से शिक्षा प्राप्त की. वर्ष 1968 में संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद वह केरल कैडर के भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी के रूप में नियुक्त हुए. वर्ष 1972 में उन्होंने खुफिया ब्यूरो में प्रवेश किया. मिजोरम, सिक्किम, पंजाब और जम्मू-कश्मीर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में उन्होंने प्रत्यक्ष रूप से महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं. उन्होंने इस्लामाबाद और लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग में भी राजनयिक पदों पर कार्य किया. शांतिकाल में दिए जाने वाले दूसरे सर्वोच्च सैन्य सम्मान को प्राप्त करने वाले वह पहले पुलिस अधिकारी हैं. इंडियन एयरलाइंस के विमान अपहरण मामले में हुई महत्वपूर्ण वार्ताओं में भी उनकी अहम भूमिका रही थी. जनवरी 2005 में वह खुफिया ब्यूरो के प्रमुख के पद से सेवानिवृत्त हुए.