पहली क्लस्टर कॉन्फ्रेंस में ऑटो क्षमता का केंद्र बना पुणे

कोरेगांव पार्क में आयोजित कार्यक्रम में उद्योग जगत का सप्लाई चेन हेतु सहयोग और क्षमता विकास पर फोकस

    21-Jul-2026
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कोरेगांव पार्क, 20 जुलाई (आ.प्र.)

एसीएमए मोबिलिटी फाउंडेशन ने वेिशस्तरीय ऑटोमोटिव सप्लाई चेन का निर्माण ‌‘द एसीएमए वे‌’ विषय पर क्लस्टर कॉन्फ्रेंस-2026 का पहला आयोजन किया. इस अवसर पर एसीएमए क्लस्टर मूवमेंट के 25 वर्ष पूरे होने का भी जश्न मनाया गया. यह पहल भारत के ऑटोमोबाइल कंपोनेंट उद्योग में परिचालन दक्षता को मजबूत करने, आपसी सहयोग बढ़ाने और वैेिशक प्रतिस्पर्धा की क्षमता विकसित करने में महत्वपूर्ण रही है. कोरेगांव पार्क स्थित होटल वेस्टिन में आयोजित इस सम्मेलन में नीति- निर्माताओं, वाहन निर्माता कंपनियों, ऑटोमोबाइल कंपोनेंट निर्माताओं और उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों ने भाग लिया. सभी ने सहयोग, नवाचार और निरंतर सुधार के माध्यम से मजबूत तथा वैेिशक स्तर पर प्रतिस्पर्धी ऑटोमोबाइल सप्लाई चेन तैयार करने के उपायों पर चर्चा की. 4,000 से अधिक ऑटोमोबाइल और सहायक उद्योग इकाइयों वाले पुणे ने समय के साथ इंजीनियरिंग उत्कृष्टता, आधुनिक विनिर्माण और साझा क्षमता विकास के प्रमुख केंद्र के रूप में अपनी पहचान बनाई है. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एसीएमए के अध्यक्ष तथा जे.के. फेनर (इंडिया) लिमिटेड के प्रबंध निदेशक विक्रमपति सिंघानिया ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में भारतीय ऑटो कंपोनेंट उद्योग का कारोबार 7.6 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया, जबकि निर्यात 24 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया. पिछले पांच वर्षों में इस उद्योग का आकार दोगुने से भी अधिक हो चुका है. उन्होंने कहा कि ये उपलब्धियां इस बात का प्रमाण हैं कि भारतीय मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र पर दुनिया का भरोसा लगातार बढ़ रहा है. लेकिन इस बढ़त और नेतृत्व को बनाए रखने के लिए इंजीनियरिंग, उन्नत मैन्युफैक्चरिंग , गुणवत्ता, नवाचार और मानव संसाधन के कौशल विकास में लगातार निवेश करना आवश्यक होगा.  
 
भरोसा मजबूत क्षमता से ही जीता जाता है !

सिर्फ बड़ा आकार होने से बाजार मिल सकता है, लेकिन भरोसा मजबूत क्षमता से ही जीता जाता है. आने वाला समय सबसे बड़ी कंपनियों का नहीं, बल्कि ऐसे मजबूत औद्योगिक तंत्र का होगा, जो मिलकर आगे बढ़ने और लगातार बेहतर बनने की क्षमता रखते हों. प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए एसीएमए के अध्यक्ष-नामित तथा ब्रेक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्रीराम विजी ने कहा, जैसे-जैसे भारत वैेिशक विनिर्माण क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है, वैसे-वैसे वेिशस्तरीय सप्लाई चेन तैयार करने के लिए उद्योग, सरकार और तकनीकी संस्थानों के बीच बेहतर तालमेल और सहयोग की आवश्यकता होगी. एसीएमए क्लस्टर मूवमेंट विशेष रूप से एमएसएमई को गुणवत्ता, डिजिटलीकरण और निरंतर क्षमता विकास के माध्यम से प्रतिस्पर्धी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है.