ईशा पर्ल सोसायटी में अलौकिक संत समागम

आचार्य विमल बोधिसूरेीशरजी एवं राष्ट्रीय संत नरेश मुनिजी का हुआ ऐतिहासिक मिलन

    22-Jul-2026
Total Views |

vFBFS 
कोंढ़वा, 21 जुलाई (आ. प्र.)

 ईशा पर्ल सोसाइटी (कोंढ़वा, पुणे) में प. पू. श्रीमद्‌‍ आचार्य विमल बोधिसूरेीशरजी म. सा. (आदि ठाणा) तथा पू. साध्वीजी महाराज साहेब (आदि ठाणा) का पावन चातुर्मास प्रवेश 15 जुलाई को अत्यंत धूमधाम, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ. इसी श्रृंखला में राष्ट्रीय संत प. पू. गुरुदेव नरेश मुनिजी महाराज (आदि ठाणा) तथा पू. साध्वीजी महाराज साहेब (आदि ठाणा) का भी ईशा पर्ल सोसायटी परिसर में पावन पदार्पण हुआ, जिससे दो महान संतों का अलौकिक मिलन देखने को मिला. इस पावन अवसर पर पू. महाराज साहेब एवं उपस्थित सभी महात्माओं के वरद हस्त (कर-कमलों) से ईशा पर्ल जैन संघ के पेड़ी (संघ कार्यालय) का उद्घाटन संपन्न हुआ. इस अवसर पर सभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय संत प. पू. गुरुदेव नरेश मुनिजी महाराज ने एक अत्यंत व्यावहारिक और प्रेरक उदाहरण देते हुए कहा, अगर आप जीवन की गलत बस में बैठे हैं, तो चातुर्मास का यह स्टॉप उतरने का सही समय है. यहां उतरकर हमारे साथ उस सही बस में बैठ जाइए जो आपको सीधे मोक्ष की राह पर ले जाएगी. अपने किए हुए पापों को दोष मानकर उनका प्रायश्चित करें और सही दिशा में आगे बढ़ें. संतों ने अपने उपदेश में परोपकार को सबसे बड़ा पुण्य और दूसरों को दुख न पहुंचाने को पापमुक्ति का मार्ग बताया. साथ ही दान, शील, तप और संयम के माध्यम से क्रोध, मान, माया और लोभ जैसे कषायों को दूर करने का मार्ग प्रशस्त किया. सभा में उपस्थित सभी श्रावक- श्राविकाओं ने पूज्य गुरुदेवों के मुखारविंद से पावन ‌‘मंगलपाठ‌’ सुना. 26 जुलाई को गुरुदेव नरेश मुनिजी म. सा. का भव्य प्रवेश इशा पर्ल सोसायटी, कोंढ़वा में हुई धर्म सभा में जानकारी दी गई कि रविवार (26 जुलाई) को गुरुदेव नरेश मुनिजी म. सा. का भव्य प्रवेश पुष्कर धाम में होगा. इसके साथ ही ईशा पर्ल में 4 अगस्त से प्रारंभ हो रही ‌‘सिद्धि तप‌’ की पावन आराधना में अधिक से अधिक श्रावक-श्राविकाओं को भाग लेने का आह्वान किया गया.