पुणे, 21 जुलाई (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क) खड़कवासला परियाेजना में 18.31 टीएमसी अर्थात पुणे शहर की पूरे वर्ष की जरूरत के बराबर पानी का भंडारण हाे गया है. बांध के जलग्रहण क्षेत्र में साेमवार (20 जुलाई) काे जाेरदार बारिश हुई. इसके कारण आधे टीएमसी से अधिक पानी बांध के जलाशय में जमा हुआ है.
पुणे शहर में जल कटाैती के संबंध में 22 जुलाई काे चर्चा हाेने वाली है. हालांकि, जल संसाधन विभाग ने खड़कवासला बांध से नहर में 1054 क्यूसेक पानी छाेड़ना शुरू कर दिया है.
यानी पुणे शहर काे दाे दिनाें में जितना पानी लगता है, उतना पानी प्रतिदिन छाेड़ा जा रहा है. नहर में पानी छाेड़े जाने के कारण पुणे शहर में जल कटाैती नहीं की जानी चाहिए, ऐसी भूमिका महापाैर मंजूषा नागपुरे ने ली है. इसलिए अब जल कटाैती काे लेकर मनपा आयुक्त क्या निर्णय लेते हैं, इस पर सभी की नजर बनी हुई है. बांधाें के जलग्रहण क्षेत्र में मंगलवार (21 जुलाई) सुबह छह बजे तक के पिछले 24 घंटाें में टेमघर में 74 मिलीमीटर, वरसगांव में 63 मिलीमीटर, पानशेत में 60 मिलीमीटर तथा खड़कवासला में 10 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई.
सुबह 6 बजे से शाम 5 बजे तक टेमघर में 45 मिलीमीटर, वरसगांव में 21 मिलीमीटर, पानशेत में 22 मिलीमीटर तथा खड़वासला में 9 मिमी बारिश दर्ज की गई.
मुख्यमंत्री के आदेश की अनदेखी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 14 जून काे निर्देश दिया था कि अगस्त तक बांधाें से पानी नहीं छाेड़ा जाए.
लेकिन खड़कवासला बांध से नहर में 1054 क्यूसेक पानी छाेड़ना शुरू कर दिया गया है.यदि आगामी अवधि में बांध पूरी तरह नहीं भरते हैं, ताे रबी और गर्मी की फसलाें के लिए सिंचाई का पानी उपलब्ध कराना कठिन हाे जाएगा. साथ ही पुणे शहर पर भी जल कटाैती का संकट आ सकता है. जल संसाधन विभाग के अधिकारियाें का कहना है कि खड़कवासला बांध भरने की स्थिति में हाेने के कारण नहर में पानी छाेड़ा गया है.