रिटेल बाजार में चीनी के दाम 50 रुपये के पार

कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी ; एक महीने में 6 रुपये दाम बढ़े; दिवाली तक दाम बढ़ते रहने का अनुमान

    22-Jul-2026
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गुलटेकड़ी, 21 जुलाई (आ.प्र.)

पिछले महीनेभर से लगातार बढ़ती चीनी की कीमतों ने ग्राहकों के बजट में कड़वाहट पैदा कर दी है. एक महीने में लगभग 6 रुपये की बढ़ोतरी के साथ रिटेल बाजार में चीनी की कीमत 50 रुपये प्रति किलो के पार पहुंचती दिख रही है. पिछले सप्ताह की तुलना में प्रति क्विंटल कीमतों में 150 से 200 रुपये, जबकि एक महीने की तुलना में पूरे 600 रुपये की बढ़ोतरी हुई है. व्यापारियों ने अनुमान जताया है कि बढ़ी हुई ये कीमतें दीवाली तक इसी तरह बनी रहेंगी. एक तरफ अचानक चीनी की मांग में भारी बढ़ोतरी हुई है, तो दूसरी तरफ निर्यात की मात्रा भी बढ़ गई है. इसी के परिणामस्वरूप होलसेल और रिटेल बाजार में चीनी की कीमतों में भारी उछाल आया है. होलसेल बाजार में कीमतों में हुई बढ़ोतरी के परिणामस्वरूप रिटेल बाजार में प्रति किलो चीनी का दाम 50 रुपये तक पहुंच गया है. पिछले सप्ताह प्रति किलो का दाम 45 से 46 रुपये था. आने वाले समय में श्रावण महीने के कई त्योहार हैं. गणेशोत्सव, नवरात्र, दशहरा और दिवाली जैसे प्रमुख त्योहार एवं उत्सव होने के कारण व्यापारियों का अनुमान है कि चीनी की मांग बनी रहेगी. इसके अलावा, चीनी का उत्पादन तुरंत नहीं बढ़ने के कारण ये दरें अगले कुछ महीनों तक इसी तरह बनी रह सकती हैं. मार्केट यार्ड के होलसेल बाजार में पुणे विभाग में रोजाना 25 से 30 ट्रक चीनी की आवक हो रही है. पिछले सीजन में चीनी के उत्पादन में गिरावट आई थी. इसलिए वर्तमान स्थिति में मिलों के पास बची हुई चीनी की मात्रा भी बहुत कम है. साथ ही विदेशों से चीनी की मांग बढ़ने के कारण निर्यात भी बढ़ा है. व्यापारियों, दुकानदारों और ग्राहकों के साथ-साथ मिठाई निर्माताओं, आइसक्रीम तथा कैंडी उद्योग से भी चीनी की मांग बढ़ गई है. शहर और जिले के व्यापारी तथा दुकानदार गुलटेकड़ी मार्केट यार्ड से खरीदारी करते ह्‌ैं‍. इसलिए, कुल मिलाकर स्थिति को देखते हुए व्यापारियों ने अनुमान लगाया है कि चीनी की बढ़ी हुई कीमतें बनी रहेंगी. पिछले वर्ष चीनी का उत्पादन कम था.  
 
पीठी चीनी और मिश्री के भी दाम बढ़े
 चीनी की तरह ही पीठी चीनी (बूरा चीनी) और मिश्री के दामों में भी भारी बढ़ोतरी हुई है. पिछले सप्ताह रिटेल बाजार में पीठी चीनी की कीमत 45 से 46 रुपये थी, जो अब बढ़कर 52 रुपये हो गई है. मिश्री की कीमत पहले 55 से 60 रुपये प्रति किलोग्राम थी, जो अब बढ़कर 80 से 100 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है. व्यापारियों का अनुमान है कि बढ़ी हुई ये कीमतें अगले करीब तीन महीनों तक बरकरार रहेंगी. इसलिए ग्राहकों को अधिक दामों पर ही खरीदारी करनी पड़ेगी.  
 
गन्ना कम हुआ तो शक्कर की किल्लत बढ़ेगी

सरकार इथेनॉल पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जिससे चीनी का उत्पादन प्रभावित होगा. इस साल इथेनॉल के लिए 30 प्रतिशत गन्ने का उपयोग किया गया है. लेकिन यदि गन्ने का उत्पादन कम हुआ तो चीनी की किल्लत और बढ़ जाएगी. कुल मिलाकर कमी होने के कारण फिलहाल चीनी के दाम बढ़े हुए ह्‌ैं‍. कहीं भी जमाखोरी का कोई मामला नहीं है. वैेिशक बाजार में इस समय चीनी के भाव 480 से 485 डॉलर ह्‌ैं‍. इसलिए लोग विदेशी बाजार में चीनी बेचने की ज्यादा कोशिश करेंगे. लेकिन सरकार इसे स्वीकार नहीं करेगी. चीनी की मूल रूप से कमी होने के कारण सरकार ने 25 लाख टन निर्यात को मंजूरी दी थी. लेकिन पांच-छह लाख टन चीनी का निर्यात अभी बाकी था, तभी सरकार ने कोटा रद्द कर दिया. यानी अब निर्यात के लिए कोई चीनी नहीं जाएगी. कुल मिलाकर ऐसा लगता है कि श्रावण (सावन) शुरू होने के बाद होलसेल बाजार में चीनी के दाम 50 रुपये प्रति किलो तक पहुंच सकते हैं. -मुकेश गोयल, चीनी व्यापारी, मार्केट यार्ड
 

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अचानक मांग बढ़ने से कीमतों में उछाल

मांग बढ़ने के कारण बाजार में हर सप्ताह कीमतों में बढ़ोतरी हो रही है. जुलाई के पहले सप्ताह में होलसेल बाजार में प्रति क्विंटल कीमत 4,200 रुपये थी. दूसरे सप्ताह में यह 4,400 रुपये हो गई्‌‍. अब प्रति क्विंटल कीमत 4,600 से 4,700 रुपये हो गई है. आगे आने वाले त्योहारों और उत्सवों के मद्देनजर अचानक मांग बढ़ने से कीमतों में यह उछाल आया है. चीनी की मांग लगातार बनी रहने के कारण उम्मीद है कि ये बढ़ी हुई कीमतें दिवाली तक बरकरार रहेंगी. अगर सरकार कोटा बढ़ाती है तो कीमतों में गिरावट संभव है, वरना कीमतें कम होने का कोई अन्य कारण दिखाई नहीं देता. -ईेशर नहार, व्यापारी, मार्केट यार्ड  
 
 
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