चैट जीपीटी से कभी अच्छा अनुवाद नहीं हो सकता : योगेश सोमण

    23-Jul-2026
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पुणे, 22 जुलाई (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)

 तिलक रोड स्थित महाराष्ट्र साहित्य परिषद मंगलवार को मराठी गीत, गजल और कविताओं के हिंदी अनुवाद की पुस्तक ‌‘कविता के साए में शब्द‌’ का लोकार्पण संपन्न हुआ. पुस्तक का हिंदी अनुवाद डॉ. सुनील देवधर ने किया है. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं अखिल भारतीय मराठी साहित्य महामंडल के अध्यक्ष योगेश सोमण ने कहा कि चैट जीपीटी से कभी अच्छा अनुवाद नहीं हो सकता. उन्होंने कहा कि कविता शब्दों का संयोजन नहीं, बल्कि संवेदना, संस्कृति और भावनाओं की अभिव्यक्ति है, जिस एआई पूरी तरह आत्मसात नहीं कर सकती.कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रसिद्ध हिंदी साहित्यकार डॉ. दामोदर खड़से ने की. अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि अनुवाद एक शीशी से दूसरी शीशी में इत्र उड़ेलने जैसा है, जिसमें सुगंध को सुरक्षित रखना अनुवादक की जिम्मेदारी होती है. विशेष अतिथि प्रदीप निफाड़कर नागपुर की लेखिका डॉ. भारती सुदामे, कवि अरुण पासवान तथा समीक्षक डॉ. स्मिता दात्ये ने भी पुस्तक की विशेषताओं पर प्रकाश डाला. कार्यक्रम का संचालन विनया केसकर ने किया, जबकि स्वागत अपूर्वा रोहन और डॉ. राजेंद्र श्रीवास्तव ने किया.