गांधीनगर, 23 जुलाई (वि.प्र./वार्ता) गुजरात के कई हिस्साें में भारी बारिश हाे रही है. स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर द्वारा गुरुवार, 23 जुलाई काे सुबह 6 बजे से दाेपहर 12 बजे तक के जारी किए गए आंकड़ाें के अनुसार, राज्य के दक्षिण गुजरात क्षेत्र में मूसलाधार बारिश हुई है.
मात्र 6 घंटाें के भीतर कई तहसीलाें में भारी जलभराव की स्थिति पैदा हाे गई.
बारिश के आंकड़ाें पर नजर डालें ताे सूरत जिले का उमरपाड़ा तहसील सबसे अधिक प्रभावित रहा, जहां सुबह 6:00 से दाेपहर 12:00 बजे के बीच कुल 283 मिलीमीटर (11.14 इंच) बारिश दर्ज की गई. वलसाड जिले के उमरगाम में भी कुदरत का कहर देखने काे मिला, जहां 251 मिलीमीटर (9.88 इंच) वर्षा हुई.
इसके अलावा भरूच के नेत्रंग में 175 मिलीमीटर (6.89 इंच) बारिश के साथ जनजीवन अस्त-व्यस्त हाे गया है.
वलसाड और नवसारी जिलाें में भी भारी बारिश का सिलसिला जारी है.
वलसाड के पारडी में 168 मिलीमीटर, नानी पाेंढा में 138 मिलीमीटर और कपराडा में 123 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. नवसारी के खेरगाम तालुका में 164 मिलीमीटर और वांसदा में 113 मिलीमीटर वर्षा हुई है.तापी जिले के उकाई और व्यारा में क्रमशः 125 मिलीमीटर और 116 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि डांग के वघई में 125 मिलीमीटर वर्षा हुई है.गुजरात के मुख्य शहराें में भी बारिश ने अपनी रफ्तार पकड़ी है. अहमदाबाद में दाेपहर 12:00 बजे तक कुल 66 मिलीमीटर (2.60 इंच) बारिश दर्ज की गई. वहीं, सूरत शहर में 49 मिलीमीटर, वडाेदरा में 16 मिलीमीटर और राज्य की राजधानी गांधीनगर में 12 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई. उत्तर गुजरात के महेसाणा जिले के बेचराजी में भी 130 मिलीमीटर (5.12 इंच) की भारी वर्षा दर्ज की गई.'
दक्षिण गुजरात में भारी से बहुत भारी बारिश ने वेस्टर्न रेलवे की ट्रेन सर्विस पर बहुत बुरा असर डाला है. ेलवे ट्रैक पर पानी भरने की वजह से सूरत और मुंबई के बीच चलने वाली सभी ट्रेनें कुछ समय के लिए राेक दी गई हैं. बारिश की वजह से अहमदाबाद और मुंबई के बीच चलने वाली कर्णावती और डबल डेकर जैसी बड़ी ट्रेनाें काे बीच में ही राेकना पड़ा है.बारिश की वजह से, चिकड़ा तहसील के उमरान गांव में नदी पर बना टेम्पररी डायवर्जन बाढ़ के तेज बहाव में बह गया है। डायवर्जन के खिंचने से उमरान और उसके आस-पास के करीब 7 दूरदराज के गांवाें का तहसील और जिला हेडक्वार्टर से कनेक्शन पूरी तरह कट गया है. सड़क बंद हाेने की वजह से इमरजेंसी सर्विस और सभी तरह के ट्रांसपाेर्ट रुक गए हैं, जिससे गांव वालाें काे बहुत मुश्किल हाे रही है.