बावधन, 23 जुलाई (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क) पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार या संस्थाओं की जिम्मेदारी नहीं है. प्रत्येक नागरिक काे अपने दैनिक जीवन के माध्यम से इसमें याेगदान देना आवश्यक है.
पर्यावरणीय समस्याओं के प्रभावी समाधान खाेजने के लिए व्यक्तिगत स्तर से शुरुआत हाेना जरूरी है, ऐसे विचार भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (खखडएठ - आयसर) के सलाहकार डाॅ. अरविंद नातू ने रखे. वे सूर्य ग्रीन अर्थ अवाॅर्ड्स 2026 वितरण समाराेह में बाेल रहे थे.
सतत (शाश्वत) जीवनशैली के प्रसार काे समाज तक पहुंचाने के लिए उन्हाेंने अपने द्वारा विकसित मठ-9 पाॅइंट प्राेग्राम (ठ-9 झेळपीं झीेसीरा) की जानकारी भी प्रदान की.
सूर्यदत्त एजुकेशन फाउंडेशन द्वारा संचालित सूर्यदत्त काॅलेज ऑफ फार्मेसी, हेल्थकेयर एंड रिसर्च की ओर से विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर इस कार्यक्रम का आयाेजन किया गया था. सूर्यदत्त के बावधन कैंपस स्थित बंसी-रत्न सभागार में आयाेजित इस कार्यक्रम में काइनेटिक कम्युनिकेशंस लिमिटेड के निदेशक डाॅ. दीपक शिकारपुर, सूर्यदत्त की उपाध्यक्ष सुषमा चाेरडिया, सह-उपाध्यक्ष स्नेहल नवलखा, मुख्य विकास अधिकारी सिद्धांत चाेरडिया और डाॅ. सारिका झांबड आदि उपस्थित थे.
इस अवसर पर पर्यावरण और सतत विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली प्रमुख हस्तियाें - मेधा ताडपत्रीकर, डाॅ. राहुल मराठे, डाॅ. श्वेता लाेखंडे, शिल्पा भालेराव, प्राची शेवगांवकर और डाॅ. किरण वैद्य काे सूर्य ग्रीन अर्थ अवाॅर्ड-2026 से सम्मानित किया गया.
अपने संबाेधन में डाॅ. दीपक शिकारपुर ने हरित सूचना प्राैद्याेगिकी (ग्रीन आईटी) और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) जैसी तकनीकाें का उपयाेग करके पर्यावरण संरक्षण काे बढ़ावा देने की आवश्यकता व्यक्त की.
सुषमा चाेरड़िया ने कहा, सूर्यदत्त संस्थान की स्थापना से ही पर्यावरणअनुकूल (ग्रीन) कैंपस पर जाेर दिया गया है. वृक्षाथाॅन जैसी पहलाें के माध्यम से छात्राें काे पेड़ लगाओ, पेड़ बचाओ का संदेश दिया जाता है.
स्नेहल नवलखा ने स्वागत और प्रस्तावना रखी. डाॅ. सारिका झांबड ने कार्यक्रम के आयाेजन की पृष्ठभूमि और उद्देश्य काे सामने रखा. श्रद्धा पाठक ने उपस्थित लाेगाें काे पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई. भाग्यश्री पवार ने धन्यवाद ज्ञापित किया.