धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर उमड़ा युवाओं का सैलाब

बारिश भी नहीं रोक सकी विद्यार्थियों के कदम, शनिवारवाड़ा से कलेक्टर कार्यालय तक निकला पैदल मार्च

    25-Jul-2026
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पुणे, 24 जुलाई (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तथा शिक्षा क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर पुणे के युवा और छात्र शुक्रवार (24 जुलाई) को बड़ी संख्या में सड़कों पर उतर आए. छात्रों का अभूतपूर्व मार्च चारों दिशाओं से जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचा, जहां एक विशाल सभा का आयोजन किया गया. कॉकरोच जनता पार्टी के नेता अभिजीत दीपके ने गुरुवार को दिल्ली में देश के प्रत्येक जिले में आंदोलन करने का आह्वान किया था. इसी आह्वान के समर्थन में शुक्रवार को पुणे में कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में विशाल मार्च निकाला गया. यह मार्च शनिवारवाड़ा से शुरू होकर जिला कलेक्टर कार्यालय तक पहुंचा. मार्च में छात्र, अभिभावक तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया. ‌‘धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो‌’, ‌‘शिक्षा हमारा अधिकार है, इंकलाब जिंदाबाद‌’, वंदे मातरम, भारत माता की जय, जय जिजाऊ, जय शिवराय जैसे नारों से शहर का मध्य क्षेत्र गूंज उठा. आंदोलनकारियों ने हाथों में तिरंगा लेकर शिक्षा क्षेत्र में बढ़ती असमानता तथा शैक्षणिक नीतियों के विरोध में अपना आक्रोश व्यक्त किया. बारिश के बीच दोपहर तीन बजे लाल महल क्षेत्र से मार्च की शुरुआत हुई. इसके बाद फडके हौद, दारूवाला पुल और नरपतगिरी चौक मार्ग से होते हुए जिला कलेक्टर कार्यालय तक मार्च निकाला गया. आंदोलन में सत्यशोधक किसान सभा, अखिल भारतीय शिक्षा अधिकार सभा, जन आंदोलनों राष्ट्रीय समन्वय, भारत जोड़ो अभियमानववादी जनशक्ति, राष्ट्र सेवा दल, लोकतांत्रिक उत्सव समिति तथा लोकतांत्रिक युवा संगठन सहित अनेक संगठनों ने भाग लिया. जेन- जी से लेकर पीएचडी शोधार्थियों तक विभिन्न स्तरों के विद्यार्थी तथा उनके अभिभावकों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही.   आंदोलन में दिखाई दिया युवाओं का जोश महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं बड़ी संख्या में उत्साहपूर्वक मार्च लिया. बारिश में भीगते हुए वे पूरे के साथ आगे बढ़ते रहे. जिला कार्यालय के आसपास का पूरा क्षेत्र छात्रों से भर गया था. मूसलाधार बारिश के बीच धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो के नारों से पूरा इलाका गूज उठा. सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि छात्रों की समस्याओं की लगातार अनदेखी की जा रही है. उन्होंने कहा कि हजारों छात्र सड़कों पर उतरकर अपनी बात रख रहे हैं, फिर भी सरकार उनकी आवाज नहीं सुन रही है. आंदोलन समाप्त होने के बाद छात्र पैदल ही वापस लौटने लगे. उनकी भारी भीड़ के कारण आसपास की सड़कें पूरी तरह भर गईं. जिला कलेक्टर कार्यालय क्षेत्र की सभी सड़कों पर यातायात बंद कर दिया गया था.