बच्चाें के खिलाैने खरीदते व्नत इन बाताें का ध्यान जरूर रखें

    25-Jul-2026
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बच्चाें के खिलाैने खरीदना वाकई बहुत बड़ा काम है. आज अगर आप बच्चे के लिए खिलाैना खरीदने बाजार जाते हैं ताे न केवल सिर घुमा देने वाले ऑप्शंन आपके सामने हाेते हैं, बल्कि हर खिलाैना उठाकर घर ले आने की इच्छा भी आपके मन में जाग जाती है.
फिर कई बार अगर बच्चे आपके साथ शाॅपिंग कर रहे हाें ताे उनकी जिद पूरी करने के च्नकर में भी आपकाे खिलाैने खरीदने पड़ जाते हैं. चलिए जानते हैं कि कुछ बाताें जाे बच्चाें के खिलाैने खरीदें, वह बच्चे की उम्र काे ध्यान में रखकर खरीदें.
 
 खिलाैना ऐसे मटीरियल का हाे, जाे बच्चे काे नुकसान न पहुंचाए. साॅफ्ट टाॅय खरीदें या झुनझुना, उसके किनारे तीखे न हाें, उसके फर बच्चे के मुंह या आंखाें में जाने का डर न हाे या उस पर किसी चीज की काेटिंग न हाे, जिसे मुंह या आंखाें में जाने का डर न हाे उस पर किसी ऐसी चीज की काेटिंग न हाे, जिसे मुंह में लेना खतरनाक हाे.
 ऐसे खिलाैने लाभदायक हाेते हैं, जाे बच्चाें काे भाई-बहन, दाेस्ताें तथा माता-पिता से भी जाेड़ सकें. वे खिलाैने जिनके साथ समूह में खेला जा सके.
 रंगाें का भी बच्चाें के विकास में खास याेगदान हाेता है. काेशिश करें कि बच्चाें के लिए रंग- बिरंगे खिलाैने खरीदें.
 खिलाैना लेने जाते समय घर से तय करके निकलें कि बजट कितना रहेगा और आपकाे कितने या किस तरह के खिलाैने चाहिए.
यह भी तय है कि कभी बच्चा किसी खिलाैने काे देखकर मचले अगर उसकी जिद जायज तथा आपके बजट में है ताे तब ताे काेई द्निकत ही नहीं है, लेकिन अगर ऐसा नहीं है ताे काेशिश करें कि उसे कुछ और देकर बहला सकें और उस तरफ से उसका ध्यान हटा सकें.
 छाेटे बच्चे अकसर खिलाैना गुड़िया, टैडी आदि काे अपना दाेस्त या भाई बना लेते हैं. ऐसे में काेशिश करें कि उस खिलाैने के जरिए आप बच्चे काे चीजें समझा पाएं. ऐसा काेई समस्या नहीं, लेकिन यह बच्चे काे अंतर्मुखी बना रहा हाे ताे ठाेस कदम जरूर उठाएं.