अनेक राेगाें की चमत्कारी जड़ी-बूटी अश्वगंधा

    25-Jul-2026
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Ashwagandha
आयुर्वेद की अश्वगंधा औषधि कई गुणाें की खान है. ये एक ऐसी औषधि है, जिसके सेवन से अनेक तरह की बीमारियाें से छुटकारा पाया जा सकता है. जानिए ये औषधि किस तरह से आपके शरीर काे राेग मुक्त करती है:
 
रसायन औषधि हाने के नाते अश्वगंधा काे आयुर्वेद में बहुत ही ज्यादा प्रयाेग में लाया जाता है. शरीर की सूजन और जाेड़ाें के दर्द काे दूर करने में अश्वगंधा
का इस्तेमाल काफी असरदार हाेता है. यह मांसपेशियाें काे शक्ति प्रदान करता है. नींद ना आना, सफेद दाग, मांसपेशियाें में दर्द, त्वचा की समस्या आदि काे दूर करने में भी यह असरदार है.

कद बढ़ाए जिस किसी का कद काफी छाेटा है, उसके लिए अश्वगंधा चमत्कारी जड़ी- बूटी से कम नहीं है. अगर किसी की लंबाई समय से पहले बढ़नी रुक गई है ताे ऐसे लाेग विशेषज्ञ की सलाह से अश्वगंधा का प्रयाेग कर सकते हैं. एक चमच्च अश्वगंधा चूर्ण में आधा से एक चम्मच शहद मिलाकर दूध के साथ सेवन करना चाहिए.

दूर करे कुष्ठ राेग आजकल सफेद दाग की समस्या बहुत अधिक फैल रही है. इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए अश्वगंधा के चूर्ण का दूध के साथ लगातार सेवन करना चाहिए.

त्वचा की समस्या हाे जाए छूमंतर यह ऐसी औषधि है, जिसके सेवन से व्यक्ति जल्दी बूढ़ा नहीं हाेता है. मतलब इसके सेवन से समय से पहले बुढ़ापा नहीं आता है. इसके सेवन से चेहरे में निखार आता है, बालाें की समस्या से भी छुटकारा मिलता है.

घाव भरने में असरदार अगर किसी भी व्यक्ति काे काेई चाेट लग गई हाे या फिर शरीर में किसी जगह फाेड़े- फुंसी या गांठ निकल आए ताे अश्वगंधा का प्रयाेग करना चाहिए. अश्वगंधा की जड़ काे पीसकर पानी के साथ पेस्ट बनाकर घाव पर लगाना चाहिए. इससे घाव का दर्द भी कम हाेता है.

वजन कम करे आप वजन कम करने की साेच रहे हैं ताे एक चमच्च अश्वगंधा में 5 दाने काली मिर्च पीसकर मिला लें और इसका नियमित प्रयाेग करें.

सावधानी
 अश्वगंधा का सेवन 2-5 ग्राम की मात्रा में 40-40 दिन के अन्तराल पर करना चाहिए.
 12 साल तक के बच्चाें काे 3 ग्राम और बड़े लागाें काे 5 ग्राम की मात्रा में गुनगुने दूध के साथ अश्वगंधा के चूर्ण का सेवन करना चाहिए.

जरूरी जानकारी किसी बीमारी के उपाय के लिए आप किसी भी देसी या अंग्रेजी दवा का सेवन कर रहे हैं ताे अश्वगंधा का सेवन करने से पहले डाॅ्नटर से सलाह जरूर लें.