पपरी, 24 जुलाई (आ.प्र.) माेशी कचरा डिपाे में हुए दर्दनाक हादसे में नाै संविदा (काॅन्ट्रै्नट) श्रमिकाें की माैत के मामले में पिंपरी-चिंचवड़ मनपा प्रशासन ने जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया तेज कर दी है. प्रशासनिक भवन काे अंतिम (फायर एनओसी) जारी करने में गंभीर लापरवाही बरतने के आराेप में तत्कालीन उप दमकल अधिकारी व अग्निशमन केंद्र अधिकारी ऋषिकांत हिरामन चिपाड़े काे कारण बताओ नाेटिस जारी किया गया है. प्रशासन ने उनके द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण काे खारिज कर दिया है और उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई प्रस्तावित की है. हालांकि, इस संबंध में अंतिम आदेश अभी जारी नहीं हुआ है.
मनपा आयुक्त डाॅ. विजय सूर्यवंशी द्वारा 17 जुलाई काे जारी नाेटिस के अनुसार, माेशी कचरा डिपाे स्थित कचरा प्रसंस्करण संयंत्र के प्रशासनिक भवन काे वर्ष 2019 में अस्थायी फायर एनओसी दी गई थी. इसके बाद 26 जुलाई 2023 काे निर्माण अनुमति विभाग द्वारा संशाेधित नक्शा मंजूर किया गया. इस स्वीकृति के अनुसार केवल भूतल के 500.59 वर्ग मीटर निर्माण की अनुमति थी. लेकिन, उसी दिन दमकल विभाग की ओर से जी+2 मंजिला तथा 1,056.60 वर्ग मीटर क्षेत्रफल वाली इमारत काे अंतिम फायर एनओसी जारी कर दी गई्. आयुक्त ने नाेटिस में उल्लेख किया है कि स्वीकृत याेजना, प्रत्यक्ष निर्माण और दमकल विभाग की मंजूरी में भारी विसंगतियाें की बिना काेई जांच किए ही अंतिम एनओसी दे दी गई, जाे प्रथमदृष्टया स्पष्ट हाेता है.
नाेटिस में यह भी कहा गया है कि संबंधित अधिकारी ने महाराष्ट्र नागरिक सेवा (आचरण) नियम, महाराष्ट्र अग्नि निवारण व जीवन संरक्षक उपाय याेजना अधिनियम तथा राष्ट्रीय भवन निर्माण संहिता के प्रावधानाें का उल्लंघन किया है. चिपाड़े का स्पष्टीकरण अमान्य हाेने के बाद अब अंतिम निलंबन आदेश जारी हाेते ही प्रशासनिक कार्रवाई में और तेजी आने की संभावना है.