पुणे, 24 जुलाई (आ.प्र.)
देश के प्रमुख आर्थिक केंद्रों में चलाए जा रहे अपने गिफ्ट सिटी इंडस्ट्री कनेक्ट अभियान के तहत गिफ्ट सिटी ने गुरुवार को पुणे के उद्योग जगत के 50 से अधिक प्रमुख कारोबारियों के साथ होटल रिट्ज कार्लटन में चर्चा की. पुणे से फिन टेक क्षेत्र की दो और अन्य तीन बड़ी कम्पनियों ने गिफ्ट सिटी में अपना केंद्र शुरू करने को लेकर अपना इंटरेस्ट दिखाया है. इस अवसर पर गिफ्ट सिटी के प्रेसिडेंट मार्केट्स भरत शिवप्पा ने प्रेजेंटेशन दिया. यह पहल एक बड़े राष्ट्रीय विजन का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य भारत के मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन केंद्रों को वेिशस्तरीय अंतरराष्ट्रीय वित्तीय इंफ्रास्ट्रक्चर से जोड़ना है. भारत की औद्योगिक क्षमताएं जिस तेजी से मजबूत हुई हैं, उसी रफ्तार से वैेिशक स्तर का वित्तीय इंफ्रास्ट्रक्चर भी विकसित होना जरूरी है. इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर की जरूरत को पूरा करने के लिए गिफ्ट सिटी को बनाया गया है. पुणे इस बदलाव की सबसे बड़ी मिसाल है. ऑटोमोटिव, इंजीनियरिंग, प्रिसिजन मैन्युफैक्चरिंग, एयरोस्पेस, फार्मास्युटिकल्स, इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स के लिए दुनिया भर में पहचान रखने वाला यह शहर भारत को वैेिशक वैल्यू चेन से जोड़ने वाले सबसे अहम केंद्रों में शामिल हो चुका है. बैठक के दौरान इस बात पर चर्चा हुई कि गिफ्ट सिटी का अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित नियामकीय और वित्तीय इकोसिस्टम किस तरह पुणे की औद्योगिक ताकत को और मजबूत कर सकता है. इसके जरिए कंपनियां अपने वैेिशक ट्रेजरी ऑपरेशंस संभाल सकती हैं, अंतरराष्ट्रीय पूंजी जुटा सकती हैं, विदेशी निवेश कर सकती हैं, कॉरपोरेट ट्रेजरी सेंटर्स स्थापित कर सकती हैं और विशेष वित्तीय सेवाओं का लाभ उठा सकती हैं. सबसे अहम बात यह है कि यह सब भारत में मुख्यालय बनाए रखते हुए और देश में ही वैल्यू क्रिएशन करते हुए संभव होगा. टैलेंट वहीं रहने चाहिए, जहां उन्होंने स्वाभाविक रूप से तरक्की की : इस मौके पर गिफ्ट सिटी के मैनेजिंग डायरेक्टर और ग्रुप सीईओ संजय कौल ने कहा कि, पुणे जैसे शहरों ने मैन्युफैक्चरिंग, इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के क्षेत्र में वेिशस्तरीय क्षमताएं विकसित की हैं. गिफ्ट सिटी को इन्हीं ताकतों का पूरक बनने के लिए तैयार किया गया है, ताकि उन्हें वैेिशक स्तर का वित्तीय इंफ्रास्ट्रक्चर मिल सके. दोनों मिलकर एक मजबूत तालमेल बनाते हैं, जहां वेिशस्तरीय औद्योगिक क्षमता को वेिशस्तरीय अंतरराष्ट्रीय वित्त का सहयोग मिलता है. कौल ने कहा, हमारा मकसद कारोबारों को पुणे से गिफ्ट सिटी लाना नहीं है. मैन्युफैक्चरिंग, रिसर्च, इनोवेशन और टैलेंट वहीं रहने चाहिए, जहां उन्होंने स्वाभाविक रूप से तरक्की की है. हमारी भूमिका अलग है. हम चाहते हैं कि गिफ्ट सिटी ऐसा वित्तीय प्रवेश द्वार बने, जिसके जरिए ये कंपनियां वैेिशक पूंजी तक पहुंच सकें, अंतरराष्ट्रीय ट्रेजरी का प्रबंधन कर सकें, विदेशी निवेश की संरचना तैयार कर सकें और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में ज्यादा प्रभावी तरीके से मुकाबला कर सकें.