बुधवार पेठ, 25 जुलाई (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क) केवल धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि सामूहिक आध्यात्मिक जागरण का संदेश देने वाला लगातार 21 दिनों का ‘अतिरुद्र महायज्ञ’ श्रीमंत दगडूसेठ हलवाई गणपति मंदिर में रविवार, 26 जुलाई से शुरू होने जा रहा है. पूरे वेिश में शांति और सद्भावना के निर्माण के लिए श्रीमंत दगडूसेठ हलवाई सार्वजनिक गणपति ट्रस्ट और सुवर्णयुग तरुण मंडल की ओर से इस अतिरुद्र महायाग का आयोजन किया गया है. 26 जुलाई से 15 अगस्त के दौरान रोजाना दोपहर 1 बजे से शाम 7 बजे तक मंदिर में यह महायाग आयोजित होगा. यह जानकारी ट्रस्ट के अध्यक्ष सुनील रासने ने दी. यह अतिरुद्र महायज्ञ का छठा वर्ष है. मंदिर के सभामंडप में एक भव्य होमकुंड का निर्माण करके यह अतिरुद्र होम संपन्न किया जाएगा. इस अनुष्ठान में वेदमूर्ति नटराज शास्त्री सहित 65 ब्रह्मवृंद भाग लेंगे. अतिरुद्र महायज्ञ का शुभारंभ रविवार, 26 जुलाई को धार्मिक विधियों के साथ होगा, जिनमें, महा संकल्प, नांदी श्राद्ध, वैष्णव श्राद्ध, पुण्याह वाचन, महान्यास, गणेश अर्चना, रुद्र जप, गणेश याग, रुद्र होम, अरुणाप्रश्न याग किए जाएंगे. अगले 20 दिनों तक प्रतिदिन गणेश याग, रुद्र होम और महान्यास मंत्रघोष होगा. इसके अतिरिक्त, प्रतिदिन दुर्गा होम, स्वयंवर पार्वती होम, नक्षत्र होम, पुरुषसूक्त होम, महासुदर्शन होम, संतान गोपाल कृष्ण होम, मेधा दक्षिणामूर्ति होम समेत विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे. महायज्ञ का समापन 15 अगस्त को 33 करोड़ देवताओं के याग (यज्ञ) और हर्विद्रव्य-वनौषधियों (हवन सामग्री) के साथ पूर्णाहुति द्वारा होगा. मंदिर में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से दुनिया के कल्याण और स्वास्थ्य संपन्न समाज के लिए प्रार्थना की जा रही है. इनमें अतिरुद्र होम (यज्ञ) इन धार्मिक अनुष्ठानों का सर्वोच्च बिंदु है. ट्रस्ट की ओर से श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे मंदिर में आयोजित अतिरुद्र याग एवं विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लें.
नदियों का पानी और विभिन्न औषधियों का उपयोग गंगा, यमुना, इंद्रायणी, पंचगंगा, मुठा, अष्टविनायक क्षेत्र की नदियां, ज्योतिर्लिंगों की नदियां और रामेश्वरम के 21 कुंडों के जल का उपयोग इस दौरान किया जाएगा. होम-हवन के समय 21 आयुर्वेदिक औषधियों का उपयोग किया जाएगा. सभी नदियों के मंत्रोच्चारित जल से श्री गणेश का जलाभिषेक किया जाएगा.