अख हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी में आ रहा बदलाव : डॉ. नीरज आडकर

रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जन ने कहा- अब सर्जरी के बाद आप फिर से पहले की तरह चल सकते हैं

    26-Jul-2026
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डॉ. नीरज आडकर
चीफ रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट और
स्पोर्ट्स इंजरी सर्जन
चेयरमैन, साईश्री विटालाइफ हॉस्पिटल 
डॉ. नीरज आडकर वाकड़ स्थित साईश्री विटालाइफ अस्पताल के मुख्य रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जन हैं. उन्होंने बताया कि प्रत्येक मरीज को उनकी शारीरिक बनावट के अनुसार उपयुक्त हिप रिप्लेसमेंट मिलना आवश्यक है. हिप अख प्रणाली के कारण हमारे लिए अधिक सटीकता और आत्मवेिशास के साथ सर्जरी करना संभव हो पाता है. इससे शरीर का संतुलन, स्थिरता और कुल मिलाकर रिकवरी (सुधार) में मदद मिलती है. साईश्री विटालाइफ अस्पताल में हमारा उद्देश्य केवल जोड़ बदलना नहीं है, बल्कि अत्याधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ चिकित्सा सेवा के माध्यम से मरीजों को एक बार फिर पहले की तरह दर्द-मुक्त और सक्रिय जीवन जीने में मदद करना है.  
 
डॉ. नीरज आडकर ने कहा कि, कमर के दर्द (कूल्हे के दर्द) के कारण चलना, सीढ़ियां चढ़ना या कुर्सी से उठना जैसे दैनिक कार्य करना भी चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है. जब दवाइयां और फिजियोथेरेपी प्रभावी साबित नहीं होतीं, तब हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी मरीजों को उनकी गतिशीलता और आत्मनिर्भरता वापस पाने में मदद कर सकती है. साईश्री विटालाइफ अस्पताल में उन्नत हिप AI तकनीक इस सर्जरी को अधिक सटीक, व्यक्तिगत और वेिशसनीय बना रही है. साईश्री विटालाइफ अस्पताल में हिप AI प्रणाली की शुरुआत उच्च स्तरीय ऑर्थो पेडिक सेवा प्रदान करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है. अत्याधुनिक AI-सहायता प्राप्त तकनीक और अनुभवी सर्जिकल कौशल का संगम बनाकर यह अस्पताल मरीजों को अधिक सुरक्षित, अधिक व्यक्तिगत और अधिक सटीक हिप रिप्लेसमेंट प्रक्रिया प्रदान कर रहा है.

तकनीक सर्जन की जगह नहीं लेती, उनकी सहायता करती है

यह हिप AI प्रणाली एक बुद्धिमान सर्जिकल उपकरण है, सर्जन का विकल्प नहीं है. यह प्रणाली रियल-टाइम जानकारी और मार्गदर्शन प्रदान करती है. हालांकि, सर्जरी से जुड़े सभी निर्णय ऑर्थोपेडिक सर्जन अपने अनुभके हैं. हिप AI प्रणाली एक उन्नत डिजिटल नेविगेशन टूल है. सर्जन को यह सर्जरी के दौरान रियल-टाइम मार्गदर्शन प्रदान करती है. जिस प्रकार GPS ड्राइवर की मदद करता है, ठीक उसी प्रकार यह तकनीक सर्जन को कूल्हे का कृत्रिम जोड़ अत्यंत सटीकता से लगाने में मदद करती है| इसके अलावा, पूरा नियंत्रण सर्जन के हाथों में ही रहेगा, यह भी सुनिश्चित किया जाता है.

 इसका क्या महत्व है ?

हिप रिप्लेसमेंट की सफलता मुख्य रूप से इस बात पर निर्भर करती है कि नया जोड़ कितनी सटीकता से बैठाया गया है. छोटी सी त्रुटि का असर भी शरीर के संतुलन, चलने के तरीके, पैर की लंबाई, आराम और इम्प्लांट की उम्र (लाइफ) पर पड़ सकता है. सर्जरी के दौरान हिप ख प्रणाली मरीज की शारीरिक संरचना का लगातार मूल्यांकन करती है. इससे सर्जन के लिए हिप जॉइंट को यथासंभव प्राकृतिक और सटीक तरीके से पुनर्स्थापित करना संभव हो पाता है.

मरीजों को इससे क्या फायदे होते हैं ?

 बढ़ी हुई सटीकता : रियल-टाइम डिजिटल सहायता के कारण इम्प्लांट सटीक रूप से बैठना सुनिश्चित होता है. इससे सर्जरी के परिणाम सुधरते हैं. पैरों की लंबाई में सुधरा हुआ संतुलन : यह प्रणाली पैरों की लंबाई को सटीकता से पुनर्स्थापित करने में मदद करती है. इससे सर्जरी के बाद असंतुलन पैदा होने का खतरा कम हो जाता है. अधिक स्थिरता : इम्प्लांट की सटीक स्थिति के कारण कूल्हे का जोड़ अधिक स्थिर रहने में मदद मिलती है. इससे जटिलताएं होने की संभावना कम हो सकती है. कार्यकुशल प्रक्रिया और त्वरित रिकवरी : उन्नत डिजिटल नेविगेशन के कारण सर्जरी की अवधि कम हो सकती है और अस्पताल में रहने का समय घटकर रिकवरी की प्रक्रिया अधिक आसान हो सकती है.