यह एक बहुत ही कष्टदायक राेग है इसमें राेगी के कान में बहुत तेज दर्द हाेता है. यह राेग बच्चाें काे बहुत ही अधिक हाेता है. कभी-कभी यह दर्द इतना तेज हाेता है कि यह सिर के ऊपरी भाग काे भी छू लेता है जिसके कारण सिर में दर्द हाेने लगता है तथा राेगी काे बुखार भी हाे जाता है.
कारण : मनुष्य के कान में दर्द हाेने के कई कारण हाे सकते हैं जैसे-कान के अन्दर या बाहर फाेड़ा हाेना, ठंड लगना, कान के मध्य में जलन हाेना, सर्दी-जुकाम लगना, नाक के अंदर जलन, गाल में जलन तथा इन्फ्लुएन्जा नामक जीवाणु का आक्रमण हाेना आदि.
चुम्बक द्वारा उपचार : कान के दर्द की अवस्था में राेगी काे अपने कान के ऊपर दक्षिणी ध्रुव वाले चुम्बकाें काे लगाना चाहिए.
यह प्रयाेग सुबह और शाम 10 मिनट तक करना चाहिए. यदि राेगी काे दाेनाें कानाें में दर्द हाे रहा हाे ताे उत्तरी ध्रुव वाले चुम्बक काे अपने दायें कान पर तथा दक्षिणी धु्रव वाले चुम्बक काे अपने बायें कान पर लगाना चाहिए. ये चुम्बक सूचीवेधन बिन्दु एस.आई. 19 तथा टी.डब्ल्यू. 17 पर लगाना चाहिए.
अन्य उपाय : राेगी काे पहले यह देखना चाहिए कि कान के अन्दर काेई चीज ताे नहीं है. अगर कान में काेई चीज है ताे उसे सावधानीपूर्वक निकालना चाहिए. जिन बच्चाें काे कान में बार-बार दर्द हाेता है उन्हें मीठी चीजें, पेस्ट्री तथा चिकनाई वाला भाेजन नहीं खाना चाहिए. इसके अलावा लहसुन की दाे कली लेकर छिलका और झिल्ली उतार लें. इसे दाे चम्मच सरसाें के तेल में डाल कर हल्की आंच में गरम करें, जब लहसुन जलने लगे और काला पड़ने लगे तब तेल की कटाेरी काे आग से उतारकर छान लें और इस गुनगुने तेल काे रुई की फाहे से दाे-चार बूंद डालने से कान का दर्द दूर हाे जाता है. यदि कान में कीड़ा चला गया हाे ताे वह मरकर अपने आप बाहर आ जाता है और कान का दर्द बंद हाे जाता है.
बहरापन : यह एक बीमारी है. इस राेग में न सिर्फ सुनने की श्नित कम हाे जाती है बल्कि व्य्नित की सामाजिक व मानसिक परेशानियां भी बढ़ जाती हैं. जब काेई व्य्नित बाेलता है, ताे वह ध्वनि तरंगाें के द्वारा हवा में एक कंपन पैदा करता है. यह कंपन कान के पर्दे एवं सुनने से संबंधित तीन हड्डियाें-मेलियस, इंकस एवं स्टेपीज के द्वारा आंतरिक कान में पहुंचता है और सुनने की नस द्वारा आंतरिक कान से मस्तिष्क में संप्रेषित हाेता है. इस कारण ध्वनि का अहसास हाेता है. यदि किसी कारण से ध्वनि की इन तरंगाें में अवराेध पैदा हाे जाए, ताे बहरापन हाे जाएगा.