नई दिल्ली, 26 जुलाई (वि.प्र.) जंतर-मंतर पर 36 दिनाें के लंबे छात्र और जेन-जी आंदाेलन के बाद अब ई 20 पेट्राेल के खिलाफ 4 अगस्त काे ‘संसद मार्च’ करने की तैयारी चल रही है. दिल्ली टै्नसी एंड टूरिस्ट ट्रांसपाेर्टर्स एंड टूर ऑपरेटर एसाेसिएशन द्वारा यह घाेषणा की गई. एसाेसिएशन ने कहा-माइलेज के गिरावट, गाड़ियाें का खराब तथा बीच रास्ते पर बंद हाेना बड़ी समस्या है.
सरकार अपने फायदे के लिए ई 20 जबर्दस्ती जनता के ऊपर लाद रही है. देश में 20 फीसदी इथेनाॅल ब्लेंडेड पेट्राेल (ई 20) के इस्तेमाल काे लेकर ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट टैक्सी ड्राइवराें और ट्रांसपाेर्टराें का असंताेष अब सड़काें पर उतरने जा रहा है. दिल्ली टैक्सी एंड टूरिस्ट ट्रांसपाेर्टर्स एंड टूर ऑपरेटर एसाेसिएशन ने ई 20 पेट्राेल की नीतियाें, गाड़ियाें की माइलेज में आ रही गिरावट और कड़े नियमाें के विराेध में 4 अगस्त काे संसद मार्च का ऐलान किया है.
शुक्रवार काे आयाेजित एक प्रेस काॅन्फ्रेंस में एसाेसिएशन के अध्यक्ष संजय सम्राट और दूसरे सदस्याें ने ट्रांसपाेर्टराें की समस्याओं काे मीडिया के सामने रखा. इस दाैरान वे विराेध के प्रतीक के रूप में हाथाें में गन्ने थामे नजर आए. प्रेस काॅन्फ्रेंस काे संबाेधित करते हुए एसाेसिएशन के अध्यक्ष संजय सम्राट ने ई 20 ईधन काे लेकर गाड़ियाें के मालिकाें और चालकाें की मुख्य शिकायतें दर्ज कराईं.
देशभर के वाहन चालकाें ने शिकायत की है कि 20 प्रतिशत इथेनाॅल मिले पेट्राेल के इस्तेमाल से गाड़ियाें का माइलेज कम हाे गया है और इंजन के मेंटेनेंस का खर्च बढ़ गया है. 2015 से पुरानी गाड़ियाें के लिए अनुपयुक्त. उन्हाेंने कहा, 2015 से पहले बने ज्यादातर वाहन 20 फीसदी इथेनाॅल मिश्रण वाले पेट्राेल के अनुकूल नहीं हैं.