सिद्धसेन विजयजी महाराज का भव्य स्वागत

    27-Jul-2026
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चाकण, 25 जुलाई (आ.प्र.)

 जप, तप, ध्यान, ज्ञान और दान सुखी जीवन के पांच मूलमंत्र हैं. यही संदेश देने वाले जैन समुदाय के संतों का वर्षावास (चातुर्मास) शुरू हो गया है और इस मौके पर आचार्य श्रीमद्‌‍ विजयजी भव्य चंद्रसूरीश्वरजी म.सा. के शिष्य पन्यास प्रवर सिद्धसेन विजयजी म.सा. चाकण पहुंचे हैं. चाकण जैन संघ की ओर से भव्य जुलूस निकालकर उनका स्वागत किया गया. इस अवसर पर अध्यक्ष संजय ओसवाल ने बताया कि चातुर्मास के मौके पर कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. चातुर्मास प्रवेश के मौके पर गुरुपूजन समारोह का आयोजन किया गया. इस समारोह का संचालन मिहिर शाह (पुणे) ने किया. श्वेतांबर जैन मूर्तिपूजक संघ (चाकण), राजेंद्रसूरी जैन युवा संघ (महालुंगे), वर्धमान जैन स्थानकवासी संघ (चाकण), नवकार ग्रुप, सौभाग्य महिला मंडल आदि ने कार्यक्रम के लिए कड़ी मेहनत की.