नई दिल्ली, 26 जुलाई (वि.प्र./वार्ता) धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब विपक्ष के निशाने पर पीएम माेदी हैं. एकजुट विपक्ष आज साेमवार काे संसद में प्रधानमंत्री से सार्वजनिक माफी की मांग करेगा. निर्दाेष छात्राें के साथ बर्बरता करने वाले पुलिस वालाें के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की भी मांग उठेगी. वहीं राहुल गांधी ने पैलेटगन चलाने के लिए परमिशन देने वाले अधिकारी-नेता का नाम उजागर कर अमित शाह काे पत्र लिखकर माेदी काे घेरने का संकेत पहले ही दे चुके हैं.
विस्तार से प्राप्त खबराें के अनुसार नीट पेपर लीक विवाद काे लेकर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद विपक्ष अब छात्र पर कथित पुलिस बर्बरता काे लेकर संसद में सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति बना रहा है. वे हमले के लिए जिम्मेदार लाेगाें के खिलाफ कार्रवाई और प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी की माफी की मांग कर रहे हैं.
राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह काे चिट्ठी लिखकर दाे सवाल पूछे हैं. पहला- प्रदर्शनकारियाें पर पैलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया? अगर आपने नहीं ताे फिर किसने दिया? दूसरा- सामान्य कपड़ाें में आए जिन लाेगाें ने लाठीचार्ज किया, वे पुलिसकर्मी थे या वाॅलंटियर्स? उनकी तैनाती किसने की. राहुल ने ये भी कहा कि स्टूडेंट्स से बात करने के बजाय सिक्याेरिटी फाेर्स ने उन्हें पीटा, आंसू गैस के गाेले छाेड़े. सैकड़ाें लाेग गंभीर रूप से घायल हुए.
कइयाें के निजी अंगाें काे जानबूझकर निशाना बनाया गया. 19 साल के छात्र साहिल लाेचब की एक आंख चली गई. दिल्ली के जंतर-मंतर पर क्रांतिकारी जनता पार्टी (सीजेपी) का प्रदर्शन खत्म हाे चुका है. शनिवार काे शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया था.
इसके बाद सीजेपी के प्रवक्ता साैरभ दास और आशुताेष रांका जेपी नड्डा से मिले और उनके सामने देश में शिक्षा सुधार के लिए 5 मांगें रखीं. इनमें पेपर लीक मामलाें में 10 साल की सजा, दाेषियाें की संपत्ति जब्त करने, नया नेशनल टेस्टिंग कमीशन बनाने और नियुक्तियाें की स्वतंत्रता के बारे में कहा गया. राहुल गांधी ने शुक्रवार काे अपने आवास 10 जनपथ पर छात्राें के प्रदर्शन में घायल एक स्टूडेंट के साथ प्रेस काॅन्फ्रेंस की थी.
सूत्राें ने बताया कि विपक्ष की आगे की रणनीति, जिसमें पेपर लीक विराेधी कानून में प्रस्तावित संसाेधन पर उनका रुख भी शामिल है. साेमवार के राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे के चैंबर में इंडी गठबंधन के नेताओं की बैठक में तय की जाएगी. ये घटनाक्रम ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) अमेंडमेंट बिल, 2026’ पर संसद में हाेने वाली तीखी बहस से पहले हाे रहा है. इस बिल काे साेमवार काे लाेकसभा में पेश करने, उस पर विचार करने और उसे पारित करने के लिए सूचीबद्ध किया गया है.